वृंदावन नाव हादसे के 'देवदूत' हुए सम्मानित, 14 श्रद्धालुओं की जान बचाने वाले नाविकों और गोताखोरों को मिला प्रशस्ति पत्र
वृंदावन के केसी घाट पर हुए दर्दनाक मोटरबोट हादसे के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना 14 श्रद्धालुओं की जान बचाने वाले नाविकों और गोताखोरों को जिला प्रशासन ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। अधिकारियों ने उनके साहस, त्वरित सूझबूझ और मानव सेवा की भावना की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक के बाद अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा और अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह ने संयुक्त रूप से सभी वीर नाविकों और गोताखोरों को सम्मानित किया। इस दौरान यमुना नदी में सुरक्षित नौका संचालन को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई।
प्रशासन ने निर्देश दिए कि किसी भी नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाया जाएगा। प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होगी और केवल प्रशिक्षित नाविकों को ही नाव संचालन की अनुमति दी जाएगी। बैठक में यमुना निषाद सेवा समिति के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
गौरतलब है कि 10 अप्रैल को वृंदावन के केसी घाट के पास यमुना नदी में एक मोटरबोट पलटने से पंजाब के लुधियाना से आए करीब 32 श्रद्धालु हादसे का शिकार हो गए थे। इस दुर्घटना में 16 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जबकि स्थानीय नाविकों और गोताखोरों ने साहस दिखाते हुए 14 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर उनकी जान बचाई थी।
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