पुरानी दिल्ली में बेघरों के बीच कंबल बांटने का दो दिवसीय प्रोग्राम संपन्न

Saturday, December 31, 2022 - 00:15
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पुरानी दिल्ली में बेघरों के बीच कंबल बांटने का दो दिवसीय प्रोग्राम संपन्न
पुरानी दिल्ली में बेघरों के बीच कंबल बांटने का दो दिवसीय प्रोग्राम संपन्न
पुरानी दिल्ली में बेघरों के बीच कंबल बांटने का दो दिवसीय प्रोग्राम संपन्न
पुरानी दिल्ली में बेघरों के बीच कंबल बांटने का दो दिवसीय प्रोग्राम संपन्न
पुरानी दिल्ली में बेघरों के बीच कंबल बांटने का दो दिवसीय प्रोग्राम संपन्न
नई दिल्ली, 30 दिसंबर 2022, (आरएनआई)। अलंसार वेलफेयर ट्रस्ट ने इस सप्ताह दो दिन पुरानी दिल्ली के इलाकों में रात के समय बे घर लोगों में कंबल बांटे।
यह दो दिन का नाइट आउट रीच प्रोग्राम ट्रस्ट की डायरेक्टर असमा अर्शी की देख रैख और व्यक्तिगत उपस्तिथि से शुक्रवार की भोर में संपन्न हुआ।
ट्रस्ट की टीम ने पिछले बरसों की तरह इस साल भी बेघरों में कंबल बंटने का प्रोग्राम बनाया था।
बुधवार को रात 9 बजे से ट्रस्ट की टीम ने काम शुरू किया।साढ़े बारह बजे लौटी उसी तरह दूसरी रात भी तीन घंटे तक घूम घूम कर कंबल बांटे गए।
न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन के सामने के फुटपाथ से ठंड में ठिठुरते हुए बेघर लोगों में कंबल बांटने के इस कार्यक्रम में आसिफ अली रोड, दिल्ली गेट, आई टी ओ, दरिया गंज का पहले दिन अहाता किया गया दूसरे दिन पुरानी दिल्ली की अंदरूनी इलाकों में गली गली घूम कर गरीबों में कंबल बांटे गए।
इस कंबल बांटने की प्रोग्राम में डायरेक्टर असमा अर्शी के इलावा अब्दुल्लाह हादी, अनम खान, अनस खान, अमान, हन्नान एवम सुमबुल मुख्तार ने भाग लिया।
पूरी टीम इस ठंड में सड़क की दोनो तरफ फुट पाथ पर सोए लोगों तक पहुंची और उन पर काम डाल कर आगे बढ़ती गई।
कुछ बेघर लोगों ने जो जाग रहे थे कंबल बांटने वाली टीम के करकर्ताओं को धन्यवाद कहा कुछ ने बहुत दुआएं दीं।
ट्रस्ट की डायरेक्टर असमा अर्शी ने बताया की दोनो दिन 60/60 कंबल बांटे गय मगर बहुत से लोग फिर भी ऐसे रह गए जिन तक मदद पहुंचाने की जरूरत है।
ट्रस्ट हर महीना पुरानी दिल्ली के आर्थिक रूप से कमजोर कम से कम 100 परिवारों को राशन कीट देता है, आठवी क्लास से बारहवीं तक की लड़कियों के लिए मुफ्त कोचिंग काउंसलिंग का प्रबंध करने के इलावा लावारिस , घरेलू हिंसा की शिकार और दूसरी तरह के मजलिम झेलने वाली महिलाओं के लिए भी काउंसलिंग और कानूनी मदद पहुंचता है और बच्चों की अधिकारों के लिए भी काम करता है।
बेघरों की नाइट आउट रीच प्रोग्राम अगले सप्ताह भी करने पर सोचा जा रहा है।

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Ashhar Hashimi

Urdu Journalist, Columnist, Poet, Fiction Writer, Author, Translator, Critic, Political Analyst-Commentator and Social Activist | Worked as Editor for UNI Urdu, Azad Hind (Kolkata), Qaumi Awaz (Delhi), Aalami Urdu Service and Urdu Daily Qasid

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