तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र शुरू, राज्यपाल अर्लेकर ने सरकार की प्राथमिकताओं का रखा खाका
चेन्नई (आरएनआई) तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा का पहला सत्र बुधवार को शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत तमिल थाई वंदनम और राष्ट्रगान के साथ हुई, जिसके बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने सदन को संबोधित किया। यह मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार का पहला विधानसभा सत्र है, जिसे राज्य की नई राजनीतिक दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने अभिभाषण में राज्यपाल अर्लेकर ने तमिलनाडु की राजनीति में आए ऐतिहासिक बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि हालिया विधानसभा चुनावों के बाद राज्य ने एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत की है। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत सामाजिक न्याय और द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख नेताओं अन्ना और पेरियार ई.वी. रामासामी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए की।
राज्यपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विजय ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इसमें मेकेदातु बांध परियोजना, मछुआरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तमिलनाडु के वित्तीय अधिकारों को लेकर भी गंभीर है। इसी उद्देश्य से विधानसभा में एक प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसमें केंद्र सरकार को दिए जाने वाले करों के बदले राज्य को उचित वित्तीय हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
राज्यपाल ने यह भी घोषणा की कि वित्तीय हस्तांतरण से जुड़े मुद्दों पर कानूनी और संवैधानिक पहलुओं का अध्ययन करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर यह समिति राज्य के हितों की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय का भी रुख कर सकती है।
सत्र के दौरान सरकार की नीतियों, विकास योजनाओं और राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, नई सरकार के पहले विधानसभा सत्र पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे आने वाले वर्षों की शासन व्यवस्था और प्राथमिकताओं की दिशा स्पष्ट होगी।
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