सचखंड श्री हरमंदिर साहिब की गुरबानी का अनधिकृत प्रसारण नहीं होगा, एसजीपीसी ने जीटीसी चैनल को भेजा लीगल नोटिस
सचखंड श्री हरमंदिर साहिब से गुरबानी ब्रॉडकास्टिंग के सभी अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पास हैं और कोई भी चैनल बिना परमिशन के इसे अपनी मर्ज़ी से ब्रॉडकास्ट नहीं कर सकता। यह बात शिरोमणि कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने ऑफिस में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताई। उन्होंने कहा कि कल देर रात जीटीसी चैनल के एमडी श्री रवींद्र नारायण ने फेसबुक पर पोस्ट करके शिरोमणि कमेटी के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल से लिंक लेकर अपने चैनल पर ब्रॉडकास्टिंग करने और रात 9 बजे ईमेल से लेटर भेजकर शिरोमणि कमेटी को इस बारे में बताने के बारे में लिखा, जो ऑफिशियल नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने जीटीसी चैनल से बिना इजाज़त के गुरबानी ब्रॉडकास्टिंग तुरंत रोकने को कहा। मीडिया से बात करते हुए शिरोमणि कमेटी के प्रेसिडेंट ने कहा कि गुरबानी ब्रॉडकास्ट को लेकर शिरोमणि कमेटी का पीटीसी चैनल के साथ किया गया एग्रीमेंट 2023 में खत्म हो गया था और जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के मुताबिक शिरोमणि कमेटी ने अपना चैनल बनाने का प्रोसेस शुरू कर दिया था। इस काम के लिए बनी सब-कमेटी की कई मीटिंग के बाद वेब चैनल चलाने की सिफारिश की गई और इसके लिए सेटअप और टेक्निकल स्टाफ तैयार करने के लिए अलग-अलग कंपनियों से कॉन्टैक्ट किया गया। उन्होंने महीने का खर्च 12 लाख रुपये बताया था। इसी बीच 21 जुलाई 2023 को जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से मिले लेटर और सिख संगत की भावनाओं के मुताबिक शिरोमणि कमेटी ने पहले से चल रहे पीटीसी चैनल को, जिसने सेटअप और टेक्निकल स्टाफ वगैरह के लिए महीने का 12 लाख रुपये खर्च उठाने का वादा किया था, सिर्फ सैटेलाइट के ज़रिए गुरबानी ब्रॉडकास्टिंग जारी रखने की मंज़ूरी दे दी, जबकि शिरोमणि कमेटी ने सारे अधिकार अपने पास रखे। शिरोमणि कमेटी के प्रेसिडेंट ने कहा कि गुरबाणी ब्रॉडकास्टिंग का मामला संगत की भावनाओं से जुड़ा है और कुछ लोग इस पर लगातार राजनीति कर रहे हैं, जो सही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह आम आदमी पार्टी सरकार के कहने पर हो रहा है, क्योंकि जीटीसी चैनल से एएपी का एक भी एमएलए नहीं जुड़ा है। यह श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट में हुए बदलावों और मुख्यमंत्री के बारे में श्री अकाल तख्त साहिब के दिए गए आदेश से संगत का ध्यान भटकाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कभी एएपी एमएलए विधानसभा में एसजीपीसी के खिलाफ बोलते हैं तो कभी मीडिया में बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के कामों और लोगों के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय धार्मिक मामलों में दखल दे रही है। उन्होंने कहा कि जीटीसी का बिना किसी ऑफिशियल मंजूरी के अपनी मर्जी से गुरबाणी ब्रॉडकास्ट करना कभी भी सही नहीं है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी के किसी ऑफिशियल फैसले के बिना किसी बयान के आधार पर बिना इजाजत के गुरबाणी ब्रॉडकास्ट करना न सिर्फ गैर-कानूनी और गलत है, बल्कि यह गैर-कानूनी भी है। उन्होंने कहा कि इस बारे में जीटीसी चैनल को लीगल नोटिस भी भेजा जा रहा है।
एसजीपीसी प्रेसिडेंट ने साफ किया कि एसजीपीसी के यूट्यूब चैनल से कुछ भी डाउनलोड करने का कोई हक नहीं है और अगर कोई गुरबानी फैलाने के लिए सेवा करना चाहता है, तो वह सिर्फ शेयर कर सकता है। अगर कोई लिंक डाउनलोड करके उसे रीस्ट्रीम करता है, तो उसके खिलाफ सही एक्शन लिया जाएगा।
उन्होंने साफ किया कि अगर कोई दूसरा चैनल लाइव ब्रॉडकास्ट के लिए रिक्वेस्ट भेजता है, तो ऑर्गनाइजेशन नियमों के मुताबिक इस पर फैसला ले सकता है, इसके लिए सही नियम बनाने होंगे, लेकिन कोई भी अपनी मर्ज़ी से लाइव ब्रॉडकास्ट करने के लिए फ्री नहीं है। क्योंकि ऑर्गनाइजेशन नियमों के तहत चलती है और गुरबानी ब्रॉडकास्टिंग के मामलों पर भी उसी हिसाब से विचार किया जाएगा। एडवोकेट धामी ने कहा कि गुरबानी ब्रॉडकास्टिंग के प्रति तहजीब और परंपराओं का ध्यान रखना होता है और इसलिए हर किसी को यह हक नहीं दिया जा सकता। इस मौके पर शिरोमणि कमेटी के सदस्य भाई राजिंदर सिंह मेहता, सरदार बावा सिंह गुमानपुरा, ओएसडी सरदार सतबीर सिंह, सचिव सरदार बलविंदर सिंह काहलवां, निजी सचिव सरदार शहबाज सिंह, श्री दरबार साहिब के मैनेजर सरदार मेजर सिंह, कानूनी सलाहकार एडवोकेट अमनबीर सिंह स्याली व अन्य मौजूद थे।
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