विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स से छात्र आंदोलन प्रभावित करने की आशंका, 20 हजार से ज्यादा संदिग्ध प्रोफाइल जांच के दायरे में
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मुद्दे को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच जांच एजेंसियों को सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर संदिग्ध विदेशी गतिविधियों के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान और बांग्लादेश से संचालित 20 हजार से अधिक संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट विभिन्न प्लेटफॉर्म पर सक्रिय पाए गए हैं। एजेंसियां इन अकाउंट्स की भूमिका और गतिविधियों की जांच कर रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि इन अकाउंट्स का इस्तेमाल आंदोलन से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने और देश में अस्थिरता का माहौल बनाने के प्रयासों के लिए किया गया हो सकता है। इसी के मद्देनजर संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इन अकाउंट्स को ब्लॉक कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह संदिग्ध नेटवर्क इंस्टाग्राम, एक्स, फेसबुक, स्नैपचैट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय बताया जा रहा है। दावा किया गया है कि इन अकाउंट्स के संचालक अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर खुद को भारतीय छात्र, जेन-जी युवा, अभिभावक, कोचिंग छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता या आम नागरिक के रूप में पेश कर रहे थे।
सूत्रों का कहना है कि इन अकाउंट्स से बड़ी संख्या में ऐसे पोस्ट और वीडियो साझा किए गए, जिनमें छात्र आंदोलन को तेज करने की अपील, केंद्र सरकार की आलोचना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ संदेश शामिल थे। कुछ वीडियो कथित तौर पर सेना की वर्दी पहनकर भी बनाए गए, जिनकी प्रामाणिकता की जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां इन संदिग्ध अकाउंट्स के आईपी एड्रेस, डिजिटल फुटप्रिंट, लॉगिन पैटर्न और संभावित फंडिंग स्रोतों की पड़ताल कर रही हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों से तकनीकी जानकारी और आवश्यक डेटा भी मांगा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इन अकाउंट्स की गतिविधियों और उनके उद्देश्य को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
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