पीजी हादसा: तीन आरोपी गिरफ्तार, हरिराम और पत्नी न्यायिक हिरासत में; बेटे को दो दिन की पुलिस कस्टडी
नई दिल्ली। दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिकों और लाभार्थियों को गिरफ्तार किया है। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटे महेश गुप्ता के रूप में हुई है।
तीनों आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने हरिराम गुप्ता और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश गुप्ता को पूछताछ के लिए दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।
जांच में संपत्ति को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, दस्तावेजों की जांच में संपत्ति उर्मिला गुप्ता के नाम दर्ज पाई गई है। हालांकि, इमारत के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी हरिराम गुप्ता संभाल रहे थे। इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन भी उनके नाम पर होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, हरिराम गुप्ता भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त सार्जेंट हैं। उनका बेटा महेश गुप्ता भी इमारत के संचालन में पिता की मदद करता था। महेश हार्डवेयर और पेंट की दुकान चलाता है और उसके दो बच्चे हैं।
अब पीजी संचालक और लेबर ठेकेदार पुलिस के रडार पर
बिल्डिंग मालिकों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और प्रशासन की जांच अब पीजी संचालकों और लेबर कॉन्ट्रैक्टर तक पहुंच गई है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में उनकी भूमिका की भी गहनता से जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
6 सितंबर को सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत ढहने से सात लोगों की मौत के बाद पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है।
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