मिजोरम में बनेगा पहला फोर स्टार होटल, पीपीपी मॉडल पर विकसित होगी परियोजना; पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
Mizoram की राजधानी Aizawl में राज्य का पहला चार सितारा या उससे उच्च श्रेणी का होटल विकसित किया जाएगा। इस दिशा में मंगलवार को बड़ा कदम उठाते हुए राज्य सरकार के पर्यटन विभाग और Hotel Polo Towers Limited के बीच चालटलांग टूरिस्ट लॉज के पुनर्विकास के लिए रियायत (कंसेशन) समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित समारोह में पर्यटन विभाग की ओर से आयुक्त एवं सचिव वानलालदिना फनाई तथा होटल पोलो टावर्स लिमिटेड की ओर से मुख्य वित्तीय अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक प्रशांत गुप्ता ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान योजना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग, पर्यटन विभाग, इन्वेस्ट इंडिया और होटल समूह के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
यह परियोजना पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) और मिजोरम सरकार के संयुक्त प्रयास का हिस्सा है। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार ने फरवरी 2024 में कोलकाता में रोड शो भी आयोजित किया था, जबकि इन्वेस्ट इंडिया ने निवेश सुविधा उपलब्ध कराने में सहयोग दिया।
वर्तमान में आइजोल में चार सितारा या उससे उच्च श्रेणी का कोई होटल नहीं है। मिजोरम देश का एकमात्र राज्य है जहां इस श्रेणी का होटल उपलब्ध नहीं है। इसी कमी को दूर करने के लिए चालटलांग टूरिस्ट लॉज को आधुनिक होटल के रूप में विकसित किया जाएगा। हालांकि परियोजना का संचालन निजी कंपनी करेगी, लेकिन भूमि का स्वामित्व राज्य सरकार के पास ही रहेगा।
समझौते के अनुसार, परियोजना का संचालन 30 वर्षों तक पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा, जिसे आवश्यकता पड़ने पर दो बार 10-10 वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकेगा। होटल में शुरुआती चरण में 60 कमरे होंगे, जिन्हें भविष्य में बढ़ाकर 100 तक करने की योजना है। इसके अलावा जिम, स्पा, मल्टी-कुजीन रेस्तरां, लाउंज और आधुनिक आतिथ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना से मिजोरम में पर्यटन को नई गति मिलेगी, निवेश बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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