फर्जी आरोपी को 10 साल का कठोर कारावास व 8000/ रुपए का अर्थदंड

Thursday, December 22, 2022 - 23:45
Updated: 4 years ago
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गुना। न्यायालय में जमानतदार के द्वारा प्रस्तुत भू अधिकार ऋण पुस्तिका पर दी जमानत पर संदेह उत्पन्न होने पर उसे कूट रचित होना पाए जाने पर न्यायालय ने आरोपी मानकर 10 बर्ष की सजा ओर अर्थ दंड से दण्डित किया है।

गुना की जेएमएफसी न्यायालय ने थाना कैंट के अपराध क्रमांक 164/21 में आरोपी को धारा 417/511 में 1 वर्ष ,धारा 467 में 10 वर्ष ,धारा 465 में 1 वर्ष तथा धारा 471 में भादवि में 1 वर्ष का कठोर कारावास और कुल 8000/ रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।

मीडिया प्रभारी श्रीमती ममता दीक्षित एडीपीओ ने बताया है कि फरियादी राजेश सेन न्यायालय श्री मुनेंद्र वर्मा जेएमएफसी गुना के न्यायालय में पदस्थ है उनके द्वारा एक टाइप सुधा आवेदन में आदेश पत्रिका एवं जमानत दस्तावेजों की सत्यापित प्रति व भू अधिकार ऋण पुस्तिका का आरोपी खिलान सिंह पेश किया कि दिनांक 2 मार्च 2020 को उपरोक्त प्रकरण में आरोपी मुकेश जैन की ओर से ₹20000 की जमानत जमानतदार खिलान सिंह पुत्र श्री बादाम सिंह उम्र 60 वर्ष निवासी ग्राम खैरा तहसील गुना में प्रस्तुत की थी जिसकी पहचान अधिवक्ता विवेक विजयवर्गीय द्वारा की गई उक्त दिनांक को न्यायालय को जमानतदार के द्वारा प्रस्तुत भू अधिकार ऋण पुस्तिका क्रमांक 0021954 जिस पर की जमानतदार की जमानत दी थी उस पर संदेह उत्पन्न हुआ था क्योंकि इसी आरोपी ने एक अन्य प्रकरण एनसीएनआईए 51/21 में आरोपी ब्रजभूषण दुबे की ₹10000 जमानत दिनांक 14/12/21 को ऋण पुस्तिका क्रमांक 0021954 पर प्रस्तुत की थी किंतु उक्त प्रविष्ट ऋण पुस्तिका से हटा दी गई और नवीन पृष्ठ संयोजित कर न्यायालय के समक्ष पेश की गई उक्त ऋण पुस्तिका क्रमांक 0021954 कूट रचित होना दर्शित है इस प्रकार खिलान सिंह न्यायालय के साथ छल किया। जमानतदार खिलान पुत्र बादाम सिंह को गिरफ्तार किया गया एवम संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया।

उक्त प्रकरण में पैरवी एजीपी आशाकिरन कौर द्वारा की गई।

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