निगरानी कोर्ट का बड़ा फैसला, नवादा के जेई को 1991 के रिश्वत कांड में सजा,300 रूपये रिश्वत लेते निगरानी ने किया था अरेस्ट

Thursday, February 26, 2026 - 07:53
Updated: 7 months ago
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निगरानी कोर्ट का बड़ा फैसला, नवादा के जेई को 1991 के रिश्वत कांड में सजा,300 रूपये रिश्वत लेते निगरानी ने किया था अरेस्ट

बड़ी खबर राजधानी पटना से है जहां निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के विशेष न्यायाधीश ने 35 साल पुराने रिश्वत के मामले में नवादा के तत्कालीन कनीय विद्युत अभियंता सुदामा राय को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है. यह फैसला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत लिया गया है. यह मामला साल 1991 का है जब नवादा के रहनेवाले विजय मिस्त्री ने कनीय विद्युत अभियंता सुदामा राय पर घूस लेने का आरोप लगाते हुए निगरानी विभाग से शिकायत की थी. सुदामा राय ने लेथ मशीन के लिए बिजली कनेक्शन देने के नाम पर विजय मिस्त्री से पांच सौ रुपये रिश्वत की मांग की थी. इसके बाद निगरानी विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 अगस्त 1991 को आरोपी कनीय विद्युत अभियंता को तीन सौ रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा था.माननीय न्यायालय ने सुदामा राय को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और धारा 13(2) के तहत 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. वहीं कोर्ट ने दोनों मामलों में 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है । निगरानी ब्यूरो ने जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी सेवक रिश्वत की मांग करता है, तो विभाग द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों (0612-2215344) या व्हाट्सएप (9473494167) पर तुरंत शिकायत दर्ज करें 

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SUNNY BHAGAT

CRIME REPORTER

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