म्यांमार ट्रेनिंग केस: अमेरिकी नागरिक वैन डाइक ने जमा किया 5.5 लाख रुपये का कंपाउंडिंग शुल्क, अमेरिका जाने की मांगी अनुमति
नई दिल्ली। म्यांमार में सशस्त्र समूहों को ड्रोन और हथियारों का प्रशिक्षण देने के आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक ने आव्रजन और फॉरेनर्स एक्ट से जुड़े आरोपों के निपटारे के लिए 5.5 लाख रुपये का कंपाउंडिंग शुल्क जमा कर दिया है। यह राशि विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) में जमा की गई है। दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत में वैन डाइक की जमानत, अमेरिका जाने की अनुमति और बॉन्ड से जुड़ी अर्जियों पर सुनवाई होनी है।
सूत्रों के मुताबिक, वैन डाइक की कानूनी टीम, जिसका प्रतिनिधित्व अधिवक्ता रोहित डंडरियाल और रोहित गौर कर रहे हैं, अगले एक-दो दिनों में विशेष एनआईए अदालत के समक्ष आरोपमुक्त करने की याचिका दाखिल करने की तैयारी में है। कंपाउंडिंग शुल्क जमा किए जाने के बाद कानूनी टीम मामले को खत्म कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने निर्धारित समयसीमा के भीतर यूएपीए की धाराओं के बिना आरोपपत्र दाखिल किया था। इसके बाद वैन डाइक को अदालत से डिफॉल्ट जमानत मिल गई थी।
वैन डाइक ने अपने परिवार से मिलने के लिए अमेरिका जाने की अनुमति मांगते हुए अदालत में एक अलग अर्जी दाखिल की है। इसके अलावा एक अन्य आवेदन में श्योरिटी बॉन्ड के स्थान पर कैश बॉन्ड जमा करने की अनुमति मांगी गई है।
अदालत को एफआरआरओ की ओर से सीलबंद लिफाफे में एक रिपोर्ट भी प्राप्त हुई है। रिपोर्ट में आव्रजन और फॉरेनर्स एक्ट के तहत दर्ज अपराधों के निपटारे यानी कंपाउंडिंग की जानकारी दी गई है। अदालत इन सभी अर्जियों पर दोपहर दो बजे सुनवाई करेगी।
गौरतलब है कि एनआईए ने मार्च 2026 में सात विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। इनमें एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिक शामिल थे। इन पर म्यांमार के विद्रोही गुटों को प्रशिक्षण देने और बिना अनुमति मिजोरम सीमा पार करने के आरोप लगाए गए थे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)