जमुई वीडियो केस: 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल पर FIR, तीन नाबालिग हिरासत में; वीडियो हटाने की कार्रवाई तेज
जमुई। नाबालिग छात्रा और उसके सहपाठी के साथ अभद्र व्यवहार के वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के आरोप में करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और पुलिस मामले में कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर दिखाना और प्रसारित करना पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत गंभीर अपराध है। एसपी ने लोगों से अपील की कि वे पीड़िता की निजता का सम्मान करें और वीडियो को आगे प्रसारित न करें।
मामले में पुलिस ने तीन विधि-विरुद्ध बालकों को हिरासत में लिया है। एसपी ने बताया कि जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है और सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए वीडियो को हटाने यानी टेकडाउन की कार्रवाई भी की जा रही है।
बताया गया है कि जमुई-लखीसराय मार्ग स्थित मड़वा पहाड़ से लौट रही नाबालिग छात्रा के साथ शनिवार देर शाम कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया। उसके साथ मौजूद सहपाठी के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। घटना का वीडियो रविवार शाम सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया।
घटना के बाद जमुई प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। एसपी ने पीड़िता के परिजनों से बात कर प्राथमिकी दर्ज कराई। एडीजी (कानून-व्यवस्था) केएस अनुपम के अनुसार, सात-आठ लड़कों की पहचान की गई है। तीन विधि-विरुद्ध बालकों को हिरासत में लिया गया है, जबकि दो अन्य की पहचान भी हो चुकी है। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
इस मामले पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी थी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)