हिमाचल में भूस्खलन से 92 सड़कें बंद, 6 सितंबर से बारिश में कमी के आसार; मानसून में 267 मौतें
शिमला। हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून की बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण शनिवार सुबह 10 बजे तक राज्य में 92 सड़कें बाधित रहीं। इसके अलावा 44 बिजली ट्रांसफार्मर और 25 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, मंडी और कुल्लू जिलों में सबसे अधिक सड़कें और बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं।
हमीरपुर जिले के बड़सर और भोरंज उपमंडल में जल आपूर्ति योजनाओं को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां कुल 17 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित बताई गई हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को बहाल करने का काम किया जा रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि 6 से 10 सितंबर के बीच राज्य में बारिश की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। 11 सितंबर से एक बार फिर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बीते 24 घंटों में धर्मशाला में सबसे ज्यादा 30.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा आरएल बीबीएमबी में 21.4, ओलिंडा में 20.0, रायपुर मैदान ऊना में 18.0, जोत चंबा में 12.6, पालमपुर में 12.0, कंडाघाट में 7.8 और कसोल में 7.0 मिलीमीटर बारिश हुई।
267 लोगों की मौत, 487 घायल
इस मानसून सीजन में 30 जून से 4 सितंबर तक आपदा से जुड़ी घटनाओं में हिमाचल प्रदेश में 267 लोगों की मौत हुई है, जबकि 487 लोग घायल हुए हैं। इनमें 159 मौतें सड़क हादसों में हुई हैं। इस अवधि में 35 पक्के और 80 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 477 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
इसके अलावा 17 दुकानों और 444 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। राज्य में इस मानसून सीजन में अब तक कुल नुकसान का आंकड़ा 1,23,715.33 लाख रुपये तक पहुंच गया है। बारिश और भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने और मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार यात्रा करने की सलाह दी गई है।
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