पश्चिमी विक्षोभ और मानसून का असर: उत्तर भारत में अगले पांच दिन बारिश का दौर, कई राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट
नई दिल्ली। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पश्चिम मानसून की बढ़ती सक्रियता के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर भारत समेत पूर्वोत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, तेज हवाएं, गरज-चमक और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 26 जून तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम गतिविधियां तेज बनी रहेंगी।
आईएमडी के मुताबिक पंजाब से बिहार तक निचले स्तर पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि उत्तरी पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके चलते हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जो कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
राजस्थान में भी मौसम करवट लेने वाला है। पश्चिमी राजस्थान में 24 जून को तथा पूर्वी राजस्थान में 24 से 26 जून के बीच तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है।
पूर्वी भारत के बिहार, झारखंड, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के आगे बढ़ने और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के संयुक्त प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट और मौसम में राहत देखने को मिल सकती है।
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