जंग रोकने को तैयार लेबनान, इस्राइल से शांति वार्ता के लिए युद्धविराम की शर्त
बेरूत (आरएनआई) पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच लेबनान ने संकेत दिया है कि वह इस्राइल के साथ सीधे शांति वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए पहले युद्धविराम लागू करना जरूरी होगा। यह पहल ऐसे समय सामने आई है जब दोनों देशों की सीमाओं पर झड़पें तेज हो गई हैं और इस्राइल ने लेबनान में बड़े जमीनी अभियान की चेतावनी दी है।
रिपोर्टों के अनुसार इस्राइली बलों ने लेबनानी सीमा के पास स्थित ऐता अल-शाब शहर की ओर बढ़ने की कोशिश की, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़पें हुईं और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। हिजबुल्ला के लड़ाकों ने आगे बढ़ती इस्राइली टुकड़ियों पर मिसाइलों से जवाबी हमला किया। बताया गया है कि अल-खज्जान हिल क्षेत्र में मौजूद इस्राइली सैनिकों के जमावड़े को निशाना बनाते हुए हिजबुल्ला ने रॉकेट दागे।
इस बीच कूटनीतिक प्रयास भी तेज होते दिखाई दे रहे हैं। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने करीबी सलाहकार रॉन डर्मर को लेबनान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों का नेतृत्व सौंपा है। वहीं अमेरिकी पक्ष से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर के संभावित रूप से वार्ता में शामिल होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि बातचीत के लिए पेरिस या साइप्रस संभावित स्थान हो सकते हैं और आने वाले दिनों में इस दिशा में पहल हो सकती है।
उधर फ्रांस की ओर से भी एक संभावित शांति प्रस्ताव की चर्चा सामने आई है, जिसमें युद्ध समाप्त करने के लिए हिजबुल्ला के निरस्त्रीकरण और लेबनान द्वारा इस्राइल को मान्यता देने जैसी शर्तों का उल्लेख किया गया था। हालांकि फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने ऐसे किसी आधिकारिक प्रस्ताव से इनकार कर दिया है।
लेबनान के संसदीय अध्यक्ष और अमल मूवमेंट के नेता नबीह बेरी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की शांति वार्ता शुरू करने से पहले युद्धविराम लागू होना जरूरी है। वहीं क्षेत्र में सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिकी बल ईरानी सैन्य क्षमताओं के खिलाफ अपना अभियान जारी रखे हुए हैं।
इसी दौरान पश्चिम एशिया में हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं। एक इराकी प्रतिरोधी समूह ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का वीडियो जारी करने का दावा किया है। रिपोर्टों के मुताबिक इराक में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमले के बाद आग लग गई। वहीं ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने दावा किया है कि उन्होंने चार और ड्रोन मार गिराए हैं, जिससे अब तक गिराए गए ड्रोन की संख्या 118 हो गई है।
दक्षिणी लेबनान में भी इस्राइली हमले जारी हैं। हवाई हमलों और तोपखाने की गोलाबारी में कई कस्बों को निशाना बनाया गया है। मेफदून और उसके आसपास के इलाकों के अलावा जवतर, यहमर और अर्नौन जैसे शहरों में भी भारी गोलाबारी की खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
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