ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से राहत, पोस्टल बैलेट पर आदेश लागू करने का रास्ता साफ
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को लागू करने की दिशा में रास्ता साफ कर दिया है, जिसमें डाक मतपत्र यानी पोस्टल बैलेट से मतदान पर नए प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले इस आदेश को कितनी हद तक लागू कर पाएगा। फैसले के बाद भी आदेश को लेकर नई कानूनी चुनौतियां सामने आने की संभावना बनी हुई है, जिससे इसके कार्यान्वयन में देरी हो सकती है।
अमेरिकी डाक विभाग ने पिछले सप्ताह आदेश को लागू करने की अपनी योजना पेश की थी। वहीं, कुछ राज्यों में कुछ ही हफ्तों में मतदाताओं को डाक मतपत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया के बीच बड़े बदलाव लागू करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ट्रंप लंबे समय से डाक मतपत्र के जरिए मतदान को चुनावी धोखाधड़ी से जोड़ते रहे हैं, हालांकि उनके दावों के समर्थन में व्यापक प्रमाण नहीं मिले हैं। ट्रंप स्वयं भी अतीत में डाक मतपत्र के जरिए मतदान कर चुके हैं।
मामला तब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जब अमेरिकी न्याय विभाग ने मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप के आदेश में प्रस्तावित बदलावों को लागू करने की अनुमति देने के लिए आपातकालीन अपील दायर की। इससे पहले 23 राज्यों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के डेमोक्रेटिक अधिकारियों ने आदेश को रोकने के लिए मुकदमा दायर किया था।
क्या है ट्रंप का कार्यकारी आदेश?
ट्रंप ने मार्च में इस कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। आदेश के तहत प्रशासन को योग्य मतदाताओं की सूची तैयार करने और अमेरिकी डाक विभाग को केवल उन मतदाताओं को डाक मतपत्र वितरित करने का निर्देश दिया गया है, जिनके नाम संबंधित सूची में शामिल होंगे।
विरोध करने वाले राज्यों का तर्क है कि संविधान के तहत चुनावों के संचालन की महत्वपूर्ण शक्तियां राज्यों और कांग्रेस के पास हैं। उनका कहना है कि ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित बदलाव चुनावी प्रक्रिया में अराजकता और पक्षपातपूर्ण दुरुपयोग का कारण बन सकते हैं।
मैसाचुसेट्स की एक संघीय अदालत ने पहले इन राज्यों में आगामी मध्यावधि चुनावों के लिए ट्रंप प्रशासन की योजना को रोक दिया था। बाद में एक अपील अदालत ने भी उस फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद निचली अदालत ने आदेश को देशभर में लागू होने से रोकने वाला एक अलग आदेश जारी किया था।
सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से ट्रंप प्रशासन को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन आदेश की पूरी कानूनी स्थिति अभी भी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है। आने वाले महीनों में इस मुद्दे पर और अदालती सुनवाई होने की संभावना है, खासकर तब जब मध्यावधि चुनावों की तैयारियां तेज होंगी।
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