खामेनेई का अमेरिका पर तीखा हमला, बोले- 'ट्रंप के हस्ताक्षर की कोई कीमत नहीं'; ईरान ने समझौते से पीछे हटने का किया ऐलान
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका पर शांति समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर की अब कोई विश्वसनीयता नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने समझौता तोड़कर साबित कर दिया है कि उसके वादों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
खामेनेई ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई या तनाव बढ़ाने की कोशिशें जारी रखीं, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि ईरान और उसका 'रेसिस्टेंस फ्रंट' किसी भी हमले का ऐसा जवाब देगा जिसे अमेरिका लंबे समय तक याद रखेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान ने भी शांति समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित करने की घोषणा कर दी है। समझौते के अनुसार दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते की दिशा में वार्ता आगे बढ़ानी थी। इस समझौते पर 18 जून को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्ताक्षर किए थे।
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने सरकारी टीवी चैनल आईआरआईबी को दिए साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका द्वारा समझौते की शर्तों का पालन नहीं किए जाने के बाद ईरान ने भी अपनी सभी जिम्मेदारियों का पालन रोक दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने समझौते से जुड़े अपने वादों को तोड़ दिया या निलंबित कर दिया है।
गरीबाबादी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में बातचीत की कोई संभावना नहीं है और ईरान का पूरा ध्यान अपनी सुरक्षा और रक्षा पर केंद्रित है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों का जवाब दिया जा चुका है और अमेरिका को अब टकराव के बजाय दूसरा रास्ता अपनाना चाहिए।
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