केरल की इकलौती बीजेपी नगर निगम पर सत्ता संकट, कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव की तैयारी में; LDF का रुख होगा निर्णायक
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम नगर निगम में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने बीजेपी के नेतृत्व वाले नगर निगम प्रशासन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी शुरू कर दी है। यदि वामपंथी गठबंधन (LDF) इस प्रस्ताव का समर्थन करता है, तो राज्य की इकलौती बीजेपी-शासित नगर निगम की सत्ता पार्टी के हाथ से निकल सकती है।
नगर निगम परिषद की अगली बैठक सोमवार को प्रस्तावित है, जिसमें विपक्ष अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे सकता है। यह घटनाक्रम हाल ही में नगर निगम परिसर में हुई हिंसक झड़प के बाद सामने आया है, जिसने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है।
बीजेपी ने वर्ष 2025 के स्थानीय निकाय चुनाव में तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। यह पहली बार था जब पार्टी ने केरल में किसी नगर निगम की सत्ता हासिल की थी। इस जीत के साथ ही CPI(M) के चार दशक से अधिक लंबे वर्चस्व का अंत हुआ था। हालांकि, सत्ता संभालने के दस महीने के भीतर ही नगर निगम लगातार विवादों के केंद्र में आ गया है।
ताजा विवाद गुरुवार को नगर निगम परिसर में हुई हाथापाई के बाद शुरू हुआ, जिसमें कई पार्षद घायल हो गए। मेयर वी.वी. राजेश भी गिरकर घायल हो गए और उनके पैर में प्लास्टर चढ़ाना पड़ा। विवाद की वजह बीजेपी पार्षद आर. सुगाथन को लेकर हुआ विरोध प्रदर्शन था। सुगाथन फिलहाल केरल एंटी सोशल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (KAAPA) के तहत जेल में बंद हैं।
LDF ने सुगाथन की पार्षद सदस्यता समाप्त करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF भी उन्हें अयोग्य घोषित करने की मांग कर रहा है। ऐसे में सोमवार की बैठक और LDF का रुख तिरुवनंतपुरम नगर निगम की सत्ता का भविष्य तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
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