कलेक्‍टर द्वारा मध्‍यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 अंतर्गत किया प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी

संपूर्ण जिले में रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तार यंत्रों का सार्वजनिक उपयोग पूर्णतः रहेगा प्रतिबंधित

Saturday, February 15, 2025 - 18:40
Updated: 2 years ago
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कलेक्‍टर द्वारा मध्‍यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 अंतर्गत किया प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी

गुना (आरएनआई) कलेक्टर द्वारा विभिन्‍न वार्षिक परीक्षाओं के निर्विघ्‍न, शांतिपूर्ण एवं व्‍यवस्थित तरीके से संपन्‍न कराने, कानून व्‍यवस्‍था बनाये रखने तथा ध्‍वनि प्रदूषण को रोकने की दृष्टि से लोकहित में मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा के तहत जिला गुना की सम्पूर्ण राजस्व सीमाओं और उसके अंतर्गत सम्मिलित क्षेत्र को आगामी आदेश तक कोलाहल नियंत्रण क्षेत्र (साईलेन्स जोन) घोषित कर विभिन्‍न प्रतिबंधात्‍मक आदेश जारी किये गये हैं-
•    जारी आदेश अनुसार संपूर्ण जिले में रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तार यंत्रों का सार्वजनिक उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
•    गुना जिले में समस्त परीक्षा केन्द्रों एवं उसके आस-पास की 200 मीटर की परिधि में परीक्षाओं के संचालन के दौरान निर्धारित समयावधि में किसी भी किस्म के ध्वनि विस्तार यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
•    कोई भी व्यक्ति, समूह, संस्था अन्य पक्ष डी.जे. अथवा बैण्ड का संचालक, अथवा कोई भी बैंड, डी.जे./ ध्वनि विस्तारक मंत्र का उपयोग बिना अनुमति के नहीं करेगा। प्रत्येक को मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम के प्रावधानों का पूर्ण पालन करना आवश्यक होगा।
•    किसी भी अनुमत्य कार्यक्रम में यदि ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जाता है तो सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त करने के पश्चात् माननीय सर्वोच्च न्यायालय के रिट पिटीशन क्रमांक 72/98 व सिविल अपील क्रमांक 3737/2005 आदेश दिनांक 18/07/2005 कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 10 (2) को दृष्टिगत रखते हुए ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया जाये।
•    निर्धारित परिवेशीय ध्वनि मानक से 10 डेसिबल से अधिक या ध्वनि करने वाले लाउड पूर्णतः प्रतिबंध रहेंगे तथा साउण्ड सिस्टम निर्धारित ध्वनि मानक से 5 डेसिबल से अधिक उत्पन्न करने वाले साउण्ड सिस्टम प्रतिबंधित रहेंगे। तेज आवाज में लाउडस्पीकर का उपयोग न किया जावे। डी.जे. पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
•    सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त कर प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम तथा ध्वनि प्रदूषण (विनियम और नियंत्रण) नियम 2000 के प्रावधान का अनुसरण कर ध्वनि मानक 10 डेसीवल या कुल क्षमता का 1/4 वाल्यूम में से जो कम हो पर ध्वनि विस्तार यंत्रों का उपयोग किया जावेगा।
•    किसी भी दशा में निर्धारित समय के उपरान्त अनुमति प्रदान नहीं की जा सकेगी।
•    यदि चलित वाहन में लाउड स्पीकर का प्रयोग किया जाता है तो उपयोग में लाये जाने वाले मार्ग अथवा क्षेत्र का विवरण प्रस्तुत करना भी आश्यक होगा।
•    शासकीय विश्राम भवन,  न्यायालय,  चिकित्सालय,  कलेक्ट्रेट,  जेल,  वि‌द्यालय,  शासकीय कार्यालय,  पुलिस थाना बैंक दूरसंचार तथा अन्य क्षेत्र जो अन्यथा घोषित किए जावे आदि से 200 मीटर की परिधि में ध्वनि विस्तार मंत्री प्रयोग की अनुमति प्रदान नहीं की जावेगी।
•    आदेश का उल्लघंन करने वाले व्यक्तियों/ राजनैतिक दलों के विरुद्ध म.प. कोलाहल नियंत्रण के प्रावधानों अन्तर्गत दण्डात्मक कार्रवाई की जावेगी।
•    ध्वनि विस्तार यंत्र के प्रयोग की अनुमति हेतु अपर जिला दण्डाधिकारी गुना को संपूर्ण गुना जिसे के लिये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से परामर्श उपरांत तथा उपखण्ड मजिस्ट्रेट को अपने-अपने अनुभाग क्षेत्रान्तर्गत संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस)/ सीएसपी एवं उपखण्ड से भिन्न तहसील मुख्यालय हेतु संबंधित तहसीलदार को थाना प्रभारी की अनुशंसा के आधार पर ध्वनि विस्तार यंत्र के प्रयोग की अनुमति प्रदान करने हेतु सक्षम अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जारी आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 15 एवं भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अंर्तगत कार्यवाही की जावेगी। उक्त आदेश आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।

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