बदायूं में एनपीए समूहों पर बैंक और मिशन प्रबंधन की सख्ती, घर-घर जाकर की जा रही रिकवरी
स्वयं सहायता समूहों की बकाया राशि वसूली अभियान तेज, महिलाओं को समय पर ऋण चुकाने की दी जा रही सलाह
बदायूं (आरएनआई) उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों की बकाया ऋण वसूली को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है। एनपीए घोषित हो चुके समूहों से रिकवरी के लिए अब ब्लॉक मिशन प्रबंधक और बैंक कर्मचारी गांव-गांव जाकर महिलाओं से संपर्क कर रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि समय पर ऋण चुकाने वाले समूहों को भविष्य में अधिक वित्तीय सहायता दी जाएगी।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल योजना के तहत बैंकों द्वारा एक वर्ष के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस ऋण को महिलाओं को निर्धारित किस्तों में जमा करना होता है।
लेकिन लगातार तीन माह तक किस्त जमा न होने पर समूह का खाता एनपीए यानी नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स घोषित कर दिया जाता है। इसके बाद बैंक और मिशन प्रबंधन की ओर से रिकवरी प्रक्रिया शुरू की जाती है।
बदायूं जिले में कुल 437 एनपीए समूह चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 263 समूहों से बकाया राशि जमा कराई जा चुकी है। वहीं अब बाकी 174 समूहों से ऋण वसूली की कार्रवाई जारी है।
ब्लॉक मिशन प्रबंधक और बैंक कर्मचारी गांवों में पहुंचकर समूह की महिलाओं से मुलाकात कर रहे हैं और उन्हें बकाया राशि जमा करने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
अखिलेश कुमार चौबे उपायुक्त (स्वतः रोजगार )के अनुसार, यह एक सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि जो समूह समय पर ऋण का भुगतान करते हैं, उन्हें अगले वर्ष अधिक ऋण सुविधा मिलती है, जबकि भुगतान में लापरवाही करने वाले समूहों को दोबारा ऋण मिलने में कठिनाई होती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)