ज्ञानवापी, मथुरा और संभल विवाद: सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता पहल विफल, दोनों पक्षों ने समझौते से किया इनकार
देश के तीन प्रमुख धार्मिक स्थलों—वाराणसी के ज्ञानवापी, मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह और संभल की शाही जामा मस्जिद से जुड़े विवादों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने की सुप्रीम कोर्ट की पहल आगे नहीं बढ़ सकी। हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया है कि इन मामलों का समाधान केवल अदालत के कानूनी फैसले से ही होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक विभाग ने ‘समाधान समारोह-2026’ के तहत इन विवादों के पक्षकारों को संबंधित जिलों में मध्यस्थता प्रक्रिया में शामिल होने का विकल्प दिया था। हालांकि, दोनों पक्षों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता मदनमोहन यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को मंगलवार को वाराणसी की अदालत के मध्यस्थता कक्ष में उपस्थित होने के लिए कहा है। वहीं मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में चार जुलाई को आयोजित लोक अदालत में भी मध्यस्थता के प्रयास सफल नहीं हो सके थे।
मुस्लिम पक्ष ने भी औपचारिक रूप से मध्यस्थता प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। संभल की शाही जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद में मस्जिद कमेटी के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने कहा कि मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसका निर्णय केवल न्यायालय को ही करना चाहिए। उनके अनुसार, यह तय करना कि संबंधित स्थल मंदिर है या मस्जिद, अदालत का विषय है, न कि आपसी समझौते का।
सुप्रीम कोर्ट ने लंबित मामलों का बोझ कम करने और आपसी सहमति से विवादों के समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 21 अप्रैल 2026 को ‘समाधान समारोह-2026’ की शुरुआत की थी। इसके तहत 21 से 23 अगस्त तक सुप्रीम कोर्ट परिसर में विशेष लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा। हालांकि, इस प्रक्रिया में भाग लेना पूरी तरह स्वैच्छिक है और किसी भी पक्ष पर समझौते का कोई दबाव नहीं होगा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)