कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया की बढ़ीं मुश्किलें, जमीन सौदे से डिफॉल्ट बेल तक की जांच करेगी एसआईटी
कटनी। हत्या के आरोपी को कथित तौर पर राहत दिलाने के बदले जमीन के सौदे और पद के दुरुपयोग के आरोपों से घिरीं कटनी की निलंबित सीएसपी नेहा पच्चीसिया के खिलाफ जांच तेज हो गई है। जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। एएसपी अंजना तिवारी के नेतृत्व में एसआईटी ने भी मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।
जांच टीम अब जमीन के कथित सौदे से लेकर हत्या के मामले में आरोपी को मिली डिफॉल्ट बेल तक पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। जबलपुर में हुई एसआईटी की पहली बैठक में केस डायरी, बैंक लेन-देन, जमीन के नामांतरण और मामले से जुड़े अधिकारियों की भूमिका से संबंधित साक्ष्य जुटाने की रणनीति तैयार की गई।
आईजी प्रमोद वर्मा के अनुसार, कटनी कोतवाली थाने में नेहा पच्चीसिया के अलावा क्षितिजराज बारापात्रे और जमीन खरीदार मारूफ अहमद को भी नामजद आरोपी बनाया गया है। मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है और उसके आधार पर कार्रवाई जारी है।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हत्या के मामले में 90 दिनों के भीतर चालान क्यों पेश नहीं किया गया। तत्कालीन कुठला थाना प्रभारी राजेंद्र मिश्रा की भूमिका भी जांच के दायरे में है। इसके अलावा जमीन की गाइडलाइन कीमत और रजिस्ट्री में दर्ज राशि के बीच बड़े अंतर की भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि जमीन की गाइडलाइन कीमत करीब 82.86 लाख रुपये थी, जबकि रजिस्ट्री में इसकी कीमत 18.20 लाख रुपये दर्शाई गई। एसआईटी बैंक ट्रेल के जरिए पूरे लेन-देन की जानकारी जुटाएगी।
मामले के अनुसार, सीएसपी नेहा पच्चीसिया एक हत्या के मामले की जांच कर रही थीं। आरोप है कि मुख्य आरोपी को कथित लाभ पहुंचाने के लिए 15 लाख रुपये की मांग की गई। आरोप के मुताबिक, जब आरोपी ने इतनी राशि देने में असमर्थता जताई तो उसकी पुश्तैनी जमीन की रजिस्ट्री एक करीबी सहयोगी के नाम करवा दी गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सौदे से संबंधित 92 लाख रुपये वापस नहीं किए गए।
इसके बाद हत्या के आरोपी के बेटे ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर नेहा पच्चीसिया और अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। मामले में नेहा पच्चीसिया को निलंबित कर जबलपुर डीआईजी कार्यालय से अटैच किया गया है।
अब एसआईटी की जांच में जमीन सौदे, बैंक लेन-देन, पुलिस अधिकारियों की भूमिका और डिफॉल्ट बेल से जुड़े पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
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