मथुरा में स्वच्छता के दावों पर सवाल, खंभों पर लटकता केबलों का जाल
गोपाल चतुर्वेदी
मथुरा। शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। स्कूली बच्चों के हाथों में स्वच्छता संबंधी तख्तियां देकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर शहर की सड़कों और बिजली के खंभों पर फैली अव्यवस्था जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। कोतवाली रोड समेत कई इलाकों में बिजली के खंभों पर इंटरनेट केबलों का मकड़जाल दिखाई दे रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब सार्वजनिक स्थानों पर फैली अव्यवस्था पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा, तो स्वच्छ और सुंदर मथुरा का सपना कैसे साकार होगा?
शहर में बिजली की केबलों को भूमिगत करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, ताकि सड़कों और खंभों को व्यवस्थित किया जा सके। इसके बावजूद इंटरनेट ऑपरेटरों की ओर से बेतरतीब तरीके से डाली गई केबलों ने इस प्रयास पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खंभों पर लटकते तार न केवल शहर की सुंदरता को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा रहे हैं। कई स्थानों पर खंभों के झुके होने की बात सामने आ रही है। इन खंभों पर नगर निगम की महंगी लाइटें भी लगी हैं, जिनके क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी रहती है।
केबलों के झुंड पर बंदरों की उछल-कूद से भी स्थिति चिंताजनक हो जाती है। तारों पर बंदरों के बैठने और कूदने से केबलों तथा खंभों पर पड़ने वाले संभावित अतिरिक्त दबाव का आकलन करना जरूरी है। ऐसे में यह मामला केवल शहर की सुंदरता तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति के रखरखाव और संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम से भी जुड़ा है।
अब सवाल नगर निगम और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी का है। नगर निगम क्षेत्र में स्थित दूरसंचार के खंभों तथा विद्युत विभाग की एलटी (LT) और एचटी (HT) लाइनों का उपयोग इंटरनेट केबल डालने के लिए करने से पहले संबंधित ऑपरेटरों ने नियमानुसार अनुमति ली है या नहीं, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। यदि इन खंभों और विद्युत लाइनों पर बिना अनुमति के केबल डाली जा रही हैं, तो यह गंभीर जांच का विषय है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि भविष्य में यदि इन अव्यवस्थित केबलों या खंभों के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? नगर निगम और संबंधित विभागों को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए जिम्मेदार ऑपरेटरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
नगर निगम को शहर के सभी वार्डों में सर्वे कराकर उलझी हुई केबलों, झुके खंभों और क्षतिग्रस्त होने की आशंका वाली लाइटों की पहचान करनी चाहिए। संबंधित इंटरनेट ऑपरेटरों को नियमों के अनुसार केबल व्यवस्थित करने के निर्देश दिए जाने चाहिए और लापरवाही मिलने पर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, सुधार कार्यों के लिए समयसीमा निर्धारित कर उनकी निगरानी भी की जानी चाहिए।
शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की जिम्मेदारी केवल नागरिकों की नहीं, बल्कि संबंधित विभागों और अधिकारियों की भी है। बच्चों को स्वच्छता का संदेश देने के साथ जरूरी है कि शहर में दिखाई देने वाली अव्यवस्थाओं को भी दूर किया जाए। मथुरा को बेहतर बनाने के लिए केवल अभियान और नारों की नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो खंभों पर लटकता केबलों का जाल शहर की व्यवस्था और जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता रहेगा।
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