आगरा नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र के नाम पर 4,500 रुपये मांगने का आरोप, हजारों आवेदन लंबित
आगरा। नगर निगम के जोनल कार्यालयों में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। एक मीडिया पड़ताल में कथित तौर पर दलालों द्वारा प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर 4,500 रुपये तक मांगने का मामला सामने आया है। वहीं, लोहामंडी, हरीपर्वत, छत्ता और ताजगंज जोन में हजारों आवेदन लंबित बताए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया में देरी और नए नियमों के कारण लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पड़ताल के दौरान लोहामंडी जोनल कार्यालय में एक संवाददाता ने जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए संपर्क किया। रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित व्यक्ति ने पहले सर्वर और पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याओं का हवाला दिया और प्रमाणपत्र मिलने में लंबा समय लगने की बात कही। बाद में एक महीने के भीतर प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के लिए 4,500 रुपये की मांग किए जाने का दावा किया गया। इसमें 4,000 रुपये अपनी फीस और 500 रुपये शपथपत्रों के खर्च के बताए गए। हालांकि, यह कथित मांग है; इसे किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत लेने का प्रमाण नहीं माना जा सकता।
लोहामंडी में सबसे ज्यादा आवेदन लंबित
रिपोर्ट के अनुसार, लोहामंडी जोन में सात दिन से अधिक समय वाले 2,420 और एक महीने से ज्यादा समय से लंबित 2,335 आवेदन बताए गए हैं। हरीपर्वत जोन में 1,526, छत्ता में 1,380 और ताजगंज में 619 आवेदन लंबित होने की जानकारी सामने आई है। इन आंकड़ों से प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया में देरी और आवेदकों के सामने आ रही समस्याओं का पता चलता है।
एक अक्टूबर से बदली विलंबित पंजीकरण की प्रक्रिया
जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियमों में एक अक्टूबर से बदलाव लागू होने के बाद निर्धारित समय के बाद आवेदन करने की प्रक्रिया अधिक औपचारिक हो गई है। सामान्य तौर पर जन्म या मृत्यु की घटना के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने पर प्रक्रिया सरल रहती है। इसके बाद देरी की अवधि के अनुसार अतिरिक्त दस्तावेज और सक्षम अधिकारी की अनुमति की जरूरत पड़ सकती है। दो वर्ष से अधिक समय बीतने पर पंजीकरण के लिए न्यायिक आदेश की आवश्यकता होती है।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य के अनुसार, नगर निगम के चारों जोन में प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने लोगों को दलालों के बजाय नगर निगम की हेल्प डेस्क या अधिकृत कर्मचारियों से संपर्क करने की सलाह दी। वहीं, पार्षदों ने लंबित आवेदनों का जल्द निस्तारण करने और व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई है।
नियमों के अनुसार आवेदन करें, दलालों से बचें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से जन्म या मृत्यु के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने की अपील की है, ताकि बाद में अतिरिक्त अनुमति और दस्तावेजों की प्रक्रिया से बचा जा सके। प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर किसी व्यक्ति द्वारा अवैध रकम मांगे जाने की स्थिति में आवेदकों को संबंधित अधिकारियों के सामने शिकायत रखनी चाहिए। लंबित आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण और कथित दलाली की निष्पक्ष जांच से आम लोगों को राहत मिल सकती है।
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