चीनी घुसपैठ के दावों पर ओवैसी ने मांगा जवाब, संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। उन्होंने सीमा पर चीनी सैनिकों के साथ कई स्थानों पर टकराव जारी रहने संबंधी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के बयान पर चिंता जताते हुए मामले की व्यापक और स्वतंत्र रिपोर्ट देश के सामने रखने की मांग की। ओवैसी ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की है।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि सरकार सीमा पर वास्तविक स्थिति के बारे में देश को पूरी जानकारी नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि वह पहले भी इस मुद्दे पर सवाल उठा चुके हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने केंद्र से पूछा कि अरुणाचल प्रदेश में किन-किन स्थानों पर चीनी सैनिकों की गतिविधियों की सूचना है और क्या वहां भारतीय गश्ती दलों तथा स्थानीय नागरिकों को आने-जाने से रोके जाने की घटनाएं हुई हैं।
एआईएमआईएम प्रमुख ने यह भी सवाल उठाया कि कथित घटनाएं कितने समय से जारी हैं और सीमा विवाद पर चीन के साथ बातचीत के दौरान भारत सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जून 2020 में चीन सीमा से जुड़े बयान का उल्लेख करते हुए सरकार से मौजूदा स्थिति पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग की। ओवैसी का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की क्षेत्रीय अखंडता से जुड़े मामले में संसद में चर्चा तथा सार्वजनिक जवाबदेही जरूरी है।
यह विवाद आईटीबीपी महानिदेशक शत्रुजीत कपूर की उस टिप्पणी के बाद बढ़ा, जिसमें उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में भारत और चीन के सैनिकों के बीच कई स्थानों पर टकराव जारी रहने की बात कही थी। हालांकि, उन्होंने सार्वजनिक रूप से उन स्थानों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया। इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार से सीमा की स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
विदेश मंत्रालय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सीमा से जुड़ी विशिष्ट घटनाओं की जानकारी के लिए रक्षा मंत्रालय से संपर्क किया जाना चाहिए। मंत्रालय के अनुसार, वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर स्थिति कभी-कभी तब प्रभावित होती है, जब चीनी सेना निर्धारित गश्त के तौर-तरीकों से अलग गतिविधियां करती है। भारत और चीन लंबित मुद्दों को सुलझाने तथा गलतफहमी से बचने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर पर स्थापित तंत्रों के जरिए बातचीत जारी रखे हुए हैं।
फिलहाल अरुणाचल प्रदेश में कथित घटनाओं के स्थानों, उनकी अवधि और उनसे जुड़े विस्तृत तथ्यों पर सार्वजनिक रूप से पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। ओवैसी ने केंद्र से इन सवालों का जवाब देने, स्वतंत्र रिपोर्ट जारी करने और संसद के विशेष सत्र में चीन के प्रति भारत की नीति पर चर्चा कराने की मांग दोहराई है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)