फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास की सलाह, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
पेरिस। फ्रांस में महंगाई, बढ़ती जीवनयापन लागत और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के हिंसक रूप लेने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई शहरों में स्थानीय स्तर पर कर्फ्यू लागू किया गया है। इस बीच, पेरिस स्थित भारतीय दूतावास ने फ्रांस में रह रहे और वहां यात्रा करने की योजना बना रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने तथा प्रदर्शन प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
भारतीय दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि हालिया घटनाक्रम और स्थानीय कर्फ्यू को देखते हुए भारतीय नागरिक सावधानी बरतें। भीड़भाड़ वाली जगहों और उन क्षेत्रों में जाने से बचें, जहां प्रदर्शन हो रहे हैं। साथ ही फ्रांस के स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों और सुरक्षा संबंधी सलाह का पालन करें।
दूतावास ने नागरिकों को स्थानीय समाचारों और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की भी सलाह दी है। प्रदर्शनों के कारण सार्वजनिक परिवहन और सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यात्रियों से अपनी यात्रा से पहले संबंधित सेवाओं की स्थिति की जानकारी लेने को कहा गया है। आपात स्थिति में भारतीय नागरिक पेरिस स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क कर सकते हैं।
फ्रांस में 17 अक्टूबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान कई शहरों में हिंसा, आगजनी और दुकानों में लूटपाट की घटनाएं सामने आई थीं। जर्मन प्रसारक डॉयचे वेले की रिपोर्ट के मुताबिक, इन घटनाओं के बाद करीब 2,400 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि लगभग 1,000 पुलिसकर्मी और जेंडरमेरी के जवान घायल हुए। अधिकारियों के अनुसार, कई सार्वजनिक इमारतों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा।
प्रदर्शन शुरुआत में स्कूलों की खराब स्थिति, शिक्षकों की कमी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी शिकायतों को लेकर शुरू हुए थे। बाद में आंदोलन का दायरा बढ़ा और इसमें महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतों, सार्वजनिक सेवाओं में कटौती तथा सरकार की नीतियों के खिलाफ असंतोष जैसे मुद्दे भी शामिल हो गए। हालांकि, सभी प्रदर्शन हिंसक नहीं रहे, लेकिन कुछ शहरों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं।
फ्रांस सरकार ने हिंसा पर नियंत्रण के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और कुछ क्षेत्रों में स्थानीय कर्फ्यू लागू करने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकॉर्नू ने 24 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शनों से पहले सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने की बात कही है। ट्रेड यूनियनों ने भी पांच नवंबर को नए विरोध प्रदर्शन और हड़ताल का आह्वान किया है।
मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने, प्रदर्शन स्थलों से दूरी बनाए रखने और यात्रा संबंधी बदलावों की जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है।
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