नेपाल बाढ़: 669 मौतों की पुष्टि, 2000 से ज्यादा लापता; 120 भारतीय चीन से नेपाल पहुंचे, 287 की तलाश जारी
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। आपदा में अब तक 669 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 2,000 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रभावित लोगों में करीब 30 देशों के नागरिक शामिल हैं। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं।
भारतीय नागरिकों की तलाश तेज
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास भी जारी हैं। जानकारी के मुताबिक, चीन की ओर फंसे 120 भारतीय नागरिक नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि 287 भारतीयों की तलाश अब भी जारी है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी शामिल बताए जा रहे हैं। परिजन लगातार अपने लापता रिश्तेदारों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
खरगे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
नेपाल में बने गंभीर हालात को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता देने की अपील की है। उन्होंने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों के लिए राहत, बचाव और निकासी अभियान तेज करने की मांग की। खरगे के मुताबिक, करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है।
शशि थरूर ने NDRF और हेलिकॉप्टर भेजने की मांग की
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर नेपाल में राहत और बचाव अभियान को और व्यापक बनाने की मांग की है। उन्होंने पूरी एनडीआरएफ टीम और भारी क्षमता वाले हेलिकॉप्टर भेजने की अपील की है। थरूर ने मलबे में लोगों के जीवित होने की संभावना को देखते हुए खोज अभियान में आधुनिक तकनीक और अधिक संसाधनों के इस्तेमाल पर जोर दिया।
उन्होंने सेना की इंजीनियर टास्क फोर्स को अर्थमूविंग मशीनों के साथ तैनात करने और बेली ब्रिज की मदद से पसांग ल्हामू हाईवे को फिर से खोलने की मांग भी की है। इसके अलावा ग्राउंड-पेनेट्रेटिंग रडार, थर्मल इमेजिंग, प्रशिक्षित खोजी कुत्तों और सैटेलाइट तकनीक के जरिए तिमुरे से रसुवागढ़ी तक विशेष बचाव अभियान चलाने की मांग की गई है।
नेपाल में जारी इस प्राकृतिक आपदा के बीच राहत और बचाव अभियान के साथ लापता भारतीयों की तलाश भी बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
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