नेपाल में बाढ़ से तबाही, 752 लोगों की मौत; 2,502 लापता, 3 हजार से ज्यादा लोगों की तलाश जारी
काठमांडू। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 752 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 2,502 लोग अभी भी लापता हैं। तिब्बत में लापता लोगों को भी शामिल करने पर यह आंकड़ा 3 हजार से अधिक हो गया है। राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 8,730 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है।
आपदा के बाद भारत ने भी नेपाल की मदद के लिए राहत सामग्री, बचाव दल और पुल निर्माण से जुड़ा जरूरी सामान भेजा है। वहीं, नेपाल और चीन में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी प्रयास किए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कई भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि बड़ी संख्या में भारतीयों के अब भी लापता होने की सूचना है।
अमेरिका ने भी नेपाल में राहत अभियान के लिए मदद का हाथ बढ़ाया है। काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास के अनुसार, अमेरिका ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 36 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की मानवीय सहायता उपलब्ध कराई है। इसमें करीब 10 हजार परिवारों के लिए आपातकालीन खाद्य सहायता भी शामिल है। अमेरिकी दूतावास नेपाल सरकार और मानवीय संगठनों के साथ मिलकर प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का काम कर रहा है।
इस बीच चीन ने भी हिमालयी क्षेत्र में भूस्खलन से प्रभावित तिब्बती हिस्से की स्थिति को लेकर जानकारी दी है। चीनी अधिकारियों के अनुसार, नेपाल से सटी सीमा चौकी के तिब्बती हिस्से में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता हैं। तिब्बत में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
लापता विदेशी नागरिकों में नेपाल के 104, भारत के 49, लातविया के 33, अमेरिका के 18 और ब्रिटेन के 15 नागरिक शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के छह-छह, दक्षिण अफ्रीका के चार, रूस, मलेशिया और जर्मनी के तीन-तीन नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, एस्टोनिया, फ्रांस और आयरलैंड के दो-दो नागरिक भी लापता बताए गए हैं। वहीं फिनलैंड, लिथुआनिया, पुर्तगाल, यूक्रेन, स्पेन, हंगरी और कजाकिस्तान के एक-एक नागरिक के लापता होने की जानकारी दी गई है।
भयंकर प्राकृतिक आपदा के बीच नेपाल में प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाने और लापता लोगों की तलाश का अभियान जारी है। सरकार और विभिन्न देशों की एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्यों को तेज करने में जुटी हैं।
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