आईटीएटी में 126 में 98 सदस्य कार्यरत, संसदीय समिति ने रिक्त पद जल्द भरने की सिफारिश की
नई दिल्ली। आयकर अपीलीय अधिकरण (आईटीएटी) में मानव संसाधन की कमी को लेकर संसदीय समिति ने चिंता जताई है। कानून और कार्मिक संबंधी स्थायी समिति ने न्यायाधिकरण में न्यायिक सदस्यों के साथ-साथ रजिस्ट्री और सहायक कर्मचारियों के रिक्त पदों को समय पर भरने की सिफारिश की है। समिति का कहना है कि कर्मचारियों की कमी का असर मामलों की सुनवाई और उनके निपटारे की प्रक्रिया पर पड़ रहा है।
समिति की रिपोर्ट के अनुसार, 1941 में स्थापित आयकर अपीलीय अधिकरण को देश का प्रमुख न्यायाधिकरण माना जाता है। आईटीएटी में अध्यक्ष और 10 क्षेत्रीय उपाध्यक्षों समेत सदस्यों के कुल 126 पद स्वीकृत हैं। हालांकि, एक मई 2026 तक इनमें से 98 पदों पर ही सदस्य कार्यरत थे। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 16 अन्य उम्मीदवारों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
संसदीय समिति ने कहा कि केवल न्यायिक सदस्यों की नियुक्ति से न्यायाधिकरण की कार्यक्षमता सुनिश्चित नहीं की जा सकती। रजिस्ट्रार, रजिस्ट्री, प्रशासनिक और सहायक कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता भी जरूरी है, ताकि मामलों का प्रबंधन और प्रशासनिक कामकाज सुचारु रूप से चल सके।
समिति के मुताबिक, इन महत्वपूर्ण पदों पर रिक्तियां लंबे समय तक बने रहने से न्यायाधिकरण के कामकाज की दक्षता प्रभावित होती है। ऐसे में समिति ने सभी स्तरों पर रिक्त पदों को समयबद्ध और लगातार भरने की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि मामलों की सुनवाई और निपटारे में तेजी लाई जा सके।
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