एसआईआर को लेकर कपिल सिब्बल का चुनाव आयोग पर हमला: ‘भाजपा को फायदा पहुंचाने की कोशिश’, सुप्रीम कोर्ट से की बड़ी मांग
नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग की ओर से कई राज्यों में कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के जरिए मतदाता सूची में बदलाव कर भाजपा को चुनावी फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से मतदाताओं के नाम बड़ी संख्या में हटाए जाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की अपील की है।
कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में एसआईआर को ‘बहिष्कार की राजनीति’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोग मुस्लिम मतदाताओं को निशाना बनाकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए बड़ी संख्या में फॉर्म जमा कर रहे हैं। हालांकि, ये आरोप राजनीतिक हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सिब्बल ने अपने आरोपों के समर्थन में द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड के गोड्डा जिले में भाजपा से जुड़े लोगों की ओर से कुछ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए आवेदन दिए जाने का दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि इन आवेदनों में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं के नाम शामिल थे। कुछ बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने भी ऐसे मामलों पर आपत्ति जताई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिब्बल ने फॉर्म-7 का जिक्र करते हुए कहा कि इसके जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि एक व्यक्ति बड़ी संख्या में फॉर्म जमा कर कई मतदाताओं के नाम हटाने की मांग कर सकता है। सिब्बल ने इस प्रक्रिया की निगरानी और सत्यापन को लेकर सवाल उठाए।
सिब्बल के मुताबिक, गोड्डा में जिन लोगों के नाम हटाने के लिए आवेदन किए गए, उनमें कई मुस्लिम मतदाता थे। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कुछ ऐसे लोगों से बात की गई, जिन्होंने दावा किया कि वे और उनके परिवार लंबे समय से उसी स्थान पर रह रहे हैं। सिब्बल ने कहा कि कुछ परिवारों का वहां कई पीढ़ियों से निवास है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची का सही और पारदर्शी होना बेहद जरूरी है। यदि किसी योग्य मतदाता का नाम उचित जांच के बिना हटाया जाता है तो इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
कपिल सिब्बल का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चुनाव आयोग और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। इससे एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला था। दोनों नेताओं ने आयोग पर कई गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए थे।
सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की किसी भी सामूहिक प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि योग्य मतदाताओं के नाम बिना उचित प्रक्रिया के सूची से न हटें।
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