संसद में एससी-एसटी सांसदों के बोलने का समय बढ़ाने की मांग, जीतन राम मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से आने वाले सांसदों को महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान अधिक बोलने का अवसर देने की मांग की है। मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
मांझी ने बताया कि यह मुद्दा भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने अगस्त में हुई एनडीए सांसद समूह संवाद बैठक के दौरान उठाया था। बैठक में संसद की कार्यवाही के दौरान एससी-एसटी समुदायों से आने वाले सांसदों को अपने समुदायों से जुड़े विषयों को रखने के लिए पर्याप्त समय दिए जाने की जरूरत पर चर्चा हुई थी।
मांझी ने अपने पत्र में लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान एससी-एसटी सांसदों को अपनी बात रखने के लिए अधिक समय उपलब्ध कराने के संबंध में उचित कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि इससे इन समुदायों से जुड़े मुद्दों को संसद में प्रभावी ढंग से रखने का अवसर मिलेगा।
भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल की ओर से उठाए गए इस मुद्दे के बाद मांझी ने इसे लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष औपचारिक रूप से रखा है। अब इस मांग पर लोकसभा अध्यक्ष की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।
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