जेन जी मतदाताओं को लेकर सियासत तेज, जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर साधा निशाना; राजीव गांधी के फैसले का किया जिक्र
नई दिल्ली। मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस फैसले का जिक्र किया, जिसके तहत मतदान की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष की गई थी।
जयराम रमेश ने कहा कि दिसंबर 1988 में संसद ने संविधान के अनुच्छेद 326 में संशोधन किया था। संविधान के 61वें संशोधन अधिनियम के जरिए मतदान की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई। इससे 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को भी मतदान का अधिकार मिला।
रमेश ने आरोप लगाया कि वर्ष 2024 के बाद से मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण नहीं होने के कारण नई पीढ़ी के मतदाताओं, खासकर जेन जी के उन युवाओं के नाम मतदाता सूची में शामिल होने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है, जो मतदान की उम्र पूरी कर चुके हैं। उन्होंने इसे युवाओं की आकांक्षाओं और उम्मीदों से जुड़ा मुद्दा बताया।
कांग्रेस नेता ने राजीव गांधी और नरेंद्र मोदी की तुलना करते हुए प्रधानमंत्री पर युवाओं के मताधिकार को लेकर सवाल उठाए। हालांकि, मतदाता सूची के पुनरीक्षण में देरी और इसके कारण नए मतदाताओं के नाम शामिल होने पर पड़े प्रभाव को लेकर कांग्रेस के आरोप राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर अंतिम स्थिति अलग से स्पष्ट की जानी है।
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