झारखंड: कोयले से आगे बढ़कर सोना-ग्रेफाइट समेत महत्वपूर्ण खनिजों पर फोकस, नीलामी के लिए 18 ब्लॉक तैयार
रांची। झारखंड अब अपनी खनिज अर्थव्यवस्था को कोयले तक सीमित रखने के बजाय महत्वपूर्ण और उच्च मूल्य वाले खनिजों की ओर बढ़ाने की तैयारी में है। राज्य में खनिजों की खोज, पहचान और खनन योजना को गति देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। नीलामी के लिए राज्य में कुल 18 खनिज ब्लॉक तैयार किए गए हैं।
सक्षम प्राधिकार से मंजूरी के बाद खान एवं भूतत्व निदेशालय ने 15 प्रमुख खनिज ब्लॉकों को नीलामी के लिए तैयार किया है। इनमें रांची का चुरी लाइमस्टोन ब्लॉक, रामगढ़ के हरिहरपुर-लेम-बिचा और पियरतांड़ लाइमस्टोन ब्लॉक शामिल हैं। पूर्वी सिंहभूम में एक सोना ब्लॉक और सरायकेला-खरसावां में कई गोल्ड ब्लॉक भी नीलामी की सूची में हैं।
इसके अलावा गिरिडीह के गंसासार-लुप्पी बेस मेटल और बरगंडा कॉपर ब्लॉक तथा पश्चिमी सिंहभूम के घटकुरी, अजीताबुरु और बंधबुरू लौह अयस्क एवं मैंगनीज ब्लॉक भी नीलामी के लिए तैयार किए गए हैं।
केंद्र सरकार के खान मंत्रालय की ओर से तीन क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉकों की नीलामी की जाएगी। इनमें पलामू का रेवारातू ग्रेफाइट ब्लॉक, अधमानिया ग्रेफाइट-वैनेडियम ब्लॉक और लोहरदगा का सिसकरी पाट बॉक्साइट-टाइटेनियम ब्लॉक शामिल हैं।
कोयले के बाद की अर्थव्यवस्था पर जोर
रांची में आयोजित 30वीं झारखंड राज्य भूवैज्ञानिक कार्यक्रम पर्षद की बैठक में भू-वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने खनिज अन्वेषण में आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर चर्चा की। बैठक में अरवा राजकमल ने कहा कि कोयला उत्पादन हमेशा एक ही गति से नहीं बढ़ सकता। एक समय उत्पादन अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद घट भी सकता है। इसलिए राज्य को अभी से कोयले के बाद की अर्थव्यवस्था पर विचार करना होगा।
जलवायु परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन को लेकर बदलती वैश्विक नीतियों के बीच दुनिया में कम कार्बन वाले उत्पादन पर जोर बढ़ रहा है। ऐसे में सोना, ग्रेफाइट, वैनेडियम, बॉक्साइट, टाइटेनियम और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की भूमिका बढ़ सकती है।
झारखंड के खनिज क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय रुचि
राज्य के खनिज क्षेत्र में अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी की अंतरराष्ट्रीय सहयोग संस्था की ओर से भी रुचि दिखाई गई है। इसके अलावा विश्व आर्थिक मंच झारखंड में उन्नत सामग्री अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रहा है। राज्य सरकार का फोकस अब खनिज संसाधनों के बेहतर अन्वेषण के साथ आधुनिक तकनीक और नई अर्थव्यवस्था से जुड़े अवसरों को विकसित करने पर है।
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