हिमाचल: निजी व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश भेजने पर कंडक्टर की बर्खास्तगी रद्द, हाईकोर्ट ने कहा- सिर्फ राय रखना अनुशासनहीनता नहीं
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने एचआरटीसी के अनुबंध कंडक्टर सुनील कुमार की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि निजी व्हाट्सएप ग्रुप में सहकर्मियों के बीच अपने विचार रखना मात्र सोशल मीडिया पर सरकार या निगम की आलोचना नहीं माना जा सकता।
न्यायमूर्ति ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की अदालत ने एचआरटीसी द्वारा सुनील कुमार की सेवाएं समाप्त करने के आदेश को मनमाना करार देते हुए रद्द कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को बिना किसी सेवा ब्रेक के निरंतर सेवा में माना जाए और बर्खास्तगी के कारण रुके हुए सेवा लाभ भी जारी किए जाएं।
याचिका के अनुसार, सुनील कुमार की नियुक्ति हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की प्रक्रिया के माध्यम से एचआरटीसी में अनुबंध आधार पर कंडक्टर के पद पर हुई थी। 21 अगस्त 2023 को एचआरटीसी प्रबंधन ने सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप के जरिए सरकार अथवा निगम की नीतियों की आलोचना करने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी जारी की थी।
इसके बाद कर्मचारियों ने ‘हिमाचल परिचालक एकता’ नाम से एक निजी व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। सितंबर 2023 में नए नियमों को लेकर ग्रुप में चर्चा चल रही थी। इसी दौरान सुनील कुमार ने दो संदेश भेजे, जिनमें उन्होंने नए नियमों से जनता को होने वाली परेशानी और निगम के कामकाज पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर अपनी राय रखी थी।
उन्होंने नए और पुराने नियमों के दौरान निगम की आय की तुलना करने और उसका विवरण सार्वजनिक करने की बात भी कही थी। एचआरटीसी प्रबंधन ने इन संदेशों को अनुशासनहीनता और जारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना और 10 अक्टूबर 2023 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। हाईकोर्ट ने अब इस बर्खास्तगी आदेश को रद्द कर दिया है।
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