राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर विवाद, सवाल पूछने वाली राधा मालवीय की राजनीतिक पृष्ठभूमि सामने आई
इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम को गैर-राजनीतिक बताते हुए विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं रखने का मौका देने की बात कही गई थी। इसी दौरान उज्जैन की शोध छात्रा राधा मालवीय ने विद्यार्थियों के आवास और किराए से जुड़ा सवाल राहुल गांधी के सामने रखा था। बाद में उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि सामने आने के बाद भाजपा ने कार्यक्रम की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
राधा मालवीय ने राहुल गांधी से पूछा था कि जब उद्योगों को एक रुपये में लीज पर जमीन दी जा सकती है तो विद्यार्थियों को एक रुपये में कमरा क्यों नहीं दिया जा सकता। इसके बाद सामने आया कि राधा मालवीय उज्जैन से जिला पंचायत सदस्य होने के साथ युवा कांग्रेस की प्रदेश महासचिव और शाजापुर जिला प्रभारी भी हैं। इस खुलासे के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है।
भाजपा सांसद अनिल फिरोजिया ने आरोप लगाया कि राधा मालवीय को उज्जैन की छात्रा के तौर पर राहुल गांधी के सामने सवाल पूछने के लिए मंच पर लाया गया, जबकि वह जिला पंचायत सदस्य भी हैं। उन्होंने कार्यक्रम की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे निष्पक्ष नहीं बल्कि ‘मैनेज प्रोग्राम’ बताया। भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस पर युवाओं को गुमराह करने का आरोप भी लगाया है।
वहीं, राधा मालवीय ने अपने राजनीतिक जुड़ाव के बावजूद कार्यक्रम में सवाल पूछने का अधिकार होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि वह जिला पंचायत सदस्य होने के साथ शोध छात्रा भी हैं और पॉलिटिकल साइंस से एमए तथा पीएचडी कर रही हैं। उनके मुताबिक उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों के छात्र आवास भत्ते और उससे जुड़ी कागजी प्रक्रिया की समस्याओं को उठाया।
राधा मालवीय ने बताया कि राहुल गांधी के साथ उनकी करीब 10 मिनट से अधिक बातचीत हुई और उन्होंने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में राहुल गांधी के सामने सवाल पूछते समय उन्हें थोड़ा डर लगा, लेकिन बातचीत आगे बढ़ने पर उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे वह अपने बड़े भाई से बात कर रही हों।
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