तेजा दशमी पर वीर तेजाजी मंदिर में गूंजे जयकारे, जाट समाज ने की आरती; श्रद्धालुओं को वितरित किया प्रसाद

Monday, September 21, 2026 - 22:22
Updated: 5 hours ago
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तेजा दशमी पर वीर तेजाजी मंदिर में गूंजे जयकारे, जाट समाज ने की आरती; श्रद्धालुओं को वितरित किया प्रसाद

तेजा दशमी के पावन अवसर पर अखिल भारतीय जाट महासभा, गुना एवं जाट सोशल ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम मगरोड़ा स्थित वीर तेजाजी महाराज मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जाट समाज के बंधुओं एवं तेजा भक्तों ने उपस्थित होकर वीर तेजाजी महाराज के दर्शन किए तथा विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती में सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ वीर तेजाजी महाराज की आरती के साथ हुआ। इसके पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने वीर तेजाजी महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा एवं आस्था व्यक्त करते हुए समाज की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

आयोजकों ने बताया कि तेजा दशमी जाट समाज के लिए विशेष धार्मिक एवं आस्था का पर्व है। इस अवसर पर समाज के लोगों को एकजुट कर अपनी संस्कृति, परंपराओं एवं वीर तेजाजी महाराज के आदर्शों से जोड़ने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपस्थित समाजबंधुओं ने धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में एकता, भाईचारे एवं सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

जिला अध्यक्ष जयसिंह जाट ने वीर तेजाजी महाराज के जीवन और उनके आदर्शों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वीर तेजाजी महाराज भारतीय लोक परंपरा में सत्य, वचनबद्धता, साहस, त्याग और जनसेवा के प्रतीक माने जाते हैं। 

युवा अध्यक्ष अमन जाट ने कहा कि आराध्य देवता वीर तेजाजी महाराज का जीवन समाज को यह संदेश देता है कि व्यक्ति को सदैव सत्य के मार्ग पर चलते हुए अपने वचन और कर्तव्य के प्रति निष्ठावान रहना चाहिए। तेजाजी महाराज की वीरता और त्याग की गाथा आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। विशेष रूप से युवाओं को उनके जीवन से साहस, अनुशासन, सेवा, सत्यनिष्ठा और समाज के प्रति जिम्मेदारी की प्रेरणा लेनी चाहिए।

देवेन्द्र सिंह सोलंकी ने कहा कि तेजाजी महाराज की गौरवशाली परंपरा और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और महापुरुषों के इतिहास से जोड़ने का प्रयास निरंतर जारी रहना चाहिए।

कार्यक्रम में कुलदीप सोलंकी, सतेन्द्र सिंह रिछेरा, दीपक चौधरी, देवेन्द्र सिंह बिलाबावडी, अरविंद जाट, गुलशन जाट, साहब सिंह जाट, अमरजीत जाट, धर्मेन्द्र जाट, प्रताप सिंह जाट, सतेन्द्र जाट, साहब सिंह जाट, विशाल जाट, लक्ष्मण जाट, जगदीश जाट, कैलाश जाट, रविंद्र, विकास, शैलेन्द्र, सौरभ, छोटू, दीपक, सूरज , अमित खतरी आदि संगठन सदस्य एवं ग्राम मगरोड़ा जाट परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

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