कलेक्टर के अल्टीमेटम के 20 दिन बाद भी शासकीय घोषित भूमि नहीं हुई खाली, तहसीलदार ने 7 दिन में कब्जा हटाने का दिया भरोसा
गुना। जिले में निजी से शासकीय घोषित की गई भूमि को अब तक रिक्त नहीं कराए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने संबंधित भूमि को लेकर कार्रवाई के निर्देश देते हुए उसे रिक्त कराने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन करीब 20 दिन बीतने के बाद भी जमीन खाली नहीं कराई जा सकी है। मामला ग्राम मंगवार, चीलखेड़ा, जगनपुर और सिंगबासा की भूमि से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर न्यायालय में हुई कार्रवाई के दौरान अनुसूचित जनजाति के लोगों की भूमि को नियमों के विपरीत खरीदने के प्रयास से जुड़े मामलों में मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 165 और 182 के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित जमीनों को निजी से शासकीय घोषित किया गया था।
ग्राम मंगवार स्थित भूमि सर्वे क्रमांक 1/5/3(एस), रकबा 0.2090 हेक्टेयर, ग्राम चीलखेड़ा की भूमि सर्वे क्रमांक 64/2(एस), रकबा 1.8910 हेक्टेयर, ग्राम जगनपुर की भूमि सर्वे क्रमांक 13/2/3(एस), रकबा 0.6900 हेक्टेयर और सर्वे क्रमांक 13/2/2, रकबा 1.1060 हेक्टेयर तथा ग्राम सिंगबासा की भूमि सर्वे क्रमांक 438/2, रकबा 1.2540 हेक्टेयर को शासकीय घोषित किए जाने की जानकारी दी गई है।
बताया गया है कि आदेश के बाद संबंधित भूमि को राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय दर्ज किया जा चुका है। इसके बावजूद मौके पर भूमि को अब तक पूरी तरह रिक्त नहीं कराया गया है। इसको लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली और कार्रवाई में हो रही देरी पर सवाल उठ रहे हैं।
मामले में तहसीलदार शालिनी भार्गव ने कार्रवाई में देरी का कारण विभागीय व्यस्तता बताया है। उन्होंने कहा कि शासकीय घोषित की गई भूमि को शीघ्र ही रिक्त कराया जाएगा और सात दिवस के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
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