बुलडोजर का खौफ: मेरठ के बाजारों में गूंजी व्यापारियों की आवाज, तीन दिन में 17 हजार काले झंडे

Saturday, October 3, 2026 - 12:51
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बुलडोजर का खौफ: मेरठ के बाजारों में गूंजी व्यापारियों की आवाज, तीन दिन में 17 हजार काले झंडे

मेरठ। व्यापारियों की आजीविका, रोजगार और कारोबार के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर मेरठ के प्रमुख बाजारों में काले झंडे लगाकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है। संयुक्त व्यापार संघ के आह्वान पर केसरगंज, सदर बाजार, मेहताब सिनेमा क्षेत्र, ट्रांसपोर्ट नगर, कंकरखेड़ा और गढ़ रोड समेत कई बाजारों में दुकानों और प्रतिष्ठानों पर काले झंडे लगाए गए हैं। संगठन के अनुसार, तीन दिनों में करीब 17 हजार काले झंडे लगाए जा चुके हैं।

संयुक्त व्यापार संघ का कहना है कि यह अभियान किसी व्यक्ति, सरकार या न्यायालय के खिलाफ नहीं है। व्यापारियों का कहना है कि वे न्यायालय के आदेशों का सम्मान करते हैं, लेकिन प्रभावित कारोबारियों की समस्याओं और आजीविका से जुड़ी चिंताओं को केंद्र सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं। संगठन ने प्रभावित व्यापारियों के साथ संवाद कर समाधान निकालने की मांग की है।

व्यापारियों ने प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यापारिक व्यवस्था, आजीविका की सुरक्षा और पुनर्वास जैसे मुद्दों पर ठोस पहल की मांग की है। उनका कहना है कि किसी बाजार या व्यावसायिक क्षेत्र में होने वाली कार्रवाई का असर केवल दुकान मालिकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कर्मचारियों, ट्रांसपोर्टरों, माल ढुलाई से जुड़े लोगों और छोटे कारोबारियों पर भी पड़ता है।

संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, काले झंडों के जरिए व्यापारी अपनी चिंता शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सामने रख रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि वे टकराव नहीं चाहते, बल्कि सरकार और प्रशासन के साथ संवाद के जरिए ऐसा समाधान चाहते हैं, जिससे प्रभावित कारोबारियों और उनके परिवारों की आजीविका सुरक्षित रह सके।

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