पीवी सिंधू बोलीं- 'अभी मेरा सफर खत्म नहीं हुआ', जापान ओपन जीतकर लौटाया आत्मविश्वास
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने जापान ओपन सुपर 750 का खिताब जीतने के बाद कहा कि इस जीत ने उनका आत्मविश्वास लौटाया है और यह साबित किया है कि उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने पिछले दो वर्षों के संघर्ष, चोटों और वापसी के सफर को याद करते हुए इस सफलता का श्रेय अपने कोच और सपोर्ट स्टाफ को दिया।
रविवार को बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) द्वारा आयोजित मीडिया बातचीत में सिंधू ने कहा, "यह जीत लंबे समय से इंतजार की हुई और मेरे लिए बेहद खास है। इस सफलता से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। अब मुझे पहले से ज्यादा विश्वास है कि मैं आगे भी बड़े मुकाम हासिल कर सकती हूं। यह साबित करता है कि अभी मेरा सफर खत्म नहीं हुआ है।"
दो साल बाद बड़ी खिताबी सफलता
सिंधू ने फाइनल में जापान की स्टार खिलाड़ी अकाने यामागुची को सीधे गेमों में हराकर जापान ओपन सुपर 750 का खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही वह इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। यह पिछले लगभग दो वर्षों में उनकी पहली बड़ी खिताबी सफलता है।
आलोचनाओं का दिया जवाब
सिंधू ने कहा कि पिछले कुछ समय में उनके प्रदर्शन को लेकर कई तरह की आलोचनाएं हुईं, लेकिन उन्होंने हमेशा खुद पर भरोसा बनाए रखा। उन्होंने कहा, "लोग बहुत कुछ कहते हैं, लेकिन मैं जवाब देने के बजाय अपने प्रदर्शन पर ध्यान देती हूं। मैंने हमेशा खुद पर विश्वास रखा। यह खिताब मेरे लिए बेहद महत्वपूर्ण है।"
चोटों से वापसी आसान नहीं थी
उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले करीब दो साल उनके लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहे। इस दौरान उन्हें कई बार चोट और फिटनेस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। सिंधू ने कहा, "एक खिलाड़ी के जीवन में चोटें आना सामान्य बात है। मैं चोट से उबरकर वापस आई, फिर दोबारा चोटिल हो गई। ऐसे में अपनी लय हासिल करना बिल्कुल आसान नहीं था।"
कोच और सपोर्ट स्टाफ को दिया श्रेय
सिंधू ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच और सपोर्ट स्टाफ को देते हुए कहा कि सभी ने मिलकर कड़ी मेहनत की, जिसका परिणाम अब सामने आया है। उन्होंने कहा, "मेरे सपोर्ट स्टाफ, कोच और मैंने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत की। मैं बेहद खुश हूं कि यह खिताब जीतकर उन्हें भी खुशी दे सकी।"
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