तेहरान में जंग थमने के बाद सीजफायर, इस्राइल बोला- हिजबुल्ला शामिल नहीं
पश्चिम एशिया में एक महीने से जारी संघर्ष अब कूटनीतिक मोड़ पर आ गया है। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम लागू हो गया है, लेकिन संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है। ईरान ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम का मतलब स्थायी शांति नहीं है और किसी भी provocation पर उसके हाथ हमेशा हथियार पर रहेंगे।
ईरान के सर्वोच्च नेता **मोजतबा खामेनेई** ने सभी सैन्य इकाइयों को आदेश दिया कि वे गोलीबारी रोकें, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट किया कि यह युद्ध का अंतिम अंत नहीं है। IRIB पर उनके बयान में कहा गया कि सभी शाखाओं को उनके निर्देश का पालन करना होगा।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर इसे पश्चिम एशिया में शांति की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और ईरान में पुनर्निर्माण प्रक्रिया में सहयोग देगा। ट्रंप ने इसे “नए गोल्डन एज की शुरुआत” करार दिया और कहा कि इस समय कई आर्थिक और व्यापारिक अवसर खुलेंगे।
इस बीच, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि उनका देश युद्धविराम का समर्थन करता है, लेकिन यह समझौता **लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ लड़ाई पर लागू नहीं होगा। नेतन्याहू कार्यालय ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम केवल इस मोर्चे तक सीमित है, और लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कदम से यह साफ संदेश गया है कि युद्धविराम का दायरा सिर्फ अमेरिका-ईरान संघर्ष तक ही सीमित है, और अन्य क्षेत्रीय मोर्चों पर हड़ताल जारी रहेगी।
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