सुदिव्य सोनू की राजनीतिक विरासत संभालेंगी श्वेता? पहली बार झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचीं, उपचुनाव को लेकर चर्चा तेज
गिरिडीह। दिवंगत मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद उनकी पत्नी श्वेता शर्मा पहली बार झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकर्ताओं की बैठक में शामिल हुईं। सोमवार को हरसिंगरायडीह स्थित उत्सव उपवन में हुई बैठक में उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद किया और संगठन तथा गिरिडीह के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दौरान कई बार माहौल भावुक भी हो गया।
श्वेता शर्मा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि जिस तरह सुदिव्य कुमार सोनू हमेशा लोगों के सुख-दुख में उनके साथ खड़े रहते थे, उसी तरह वह भी आगे उनके साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने कहा कि सुदिव्य सोनू ने गिरिडीह के विकास को लेकर जो सपने देखे थे, उन्हें कार्यकर्ताओं और लोगों के सहयोग से पूरा करने का प्रयास करेंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से साथ और सहयोग की अपील भी की।
पति के निधन के करीब 22 दिन बाद श्वेता का पहली बार किसी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद गिरिडीह विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है और श्वेता शर्मा के झामुमो की संभावित उम्मीदवार होने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं पहले से चल रही हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से भी उन्हें उपचुनाव लड़ाने का संकेत दिए जाने की खबरें सामने आई हैं, हालांकि अंतिम उम्मीदवार की आधिकारिक घोषणा अलग विषय है।
बैठक में झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. सरफराज अहमद, गिरिडीह की महापौर प्रमिला मेहरा समेत पार्टी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने सुदिव्य कुमार सोनू के साथ अपने राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभवों को याद किया। श्वेता शर्मा के साथ उनका भावनात्मक संवाद भी हुआ।
श्वेता शर्मा की सक्रियता के बाद गिरिडीह उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि उनकी उम्मीदवारी को लेकर अंतिम फैसला झामुमो की ओर से आधिकारिक रूप से होना बाकी है।
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