जम्मू-कश्मीर विधानसभा में छुट्टियों को लेकर हंगामा, महाराजा हरि सिंह और शेख अब्दुल्ला के मुद्दे पर भिड़े विधायक; भाजपा का वॉकआउट
जम्मू-कश्मीर विधानसभा के शरदकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सरकारी छुट्टियों और ऐतिहासिक दिवसों को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। महाराजा हरि सिंह की जयंती, शेख मोहम्मद अब्दुल्ला से जुड़े अवकाश और 13 जुलाई के शहीद दिवस को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और नारेबाजी हुई। इसी दौरान भाजपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक अब्दुल मजीद लारमी ने महाराजा हरि सिंह की जयंती पर 23 सितंबर को घोषित सरकारी अवकाश को रद्द करने या शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की जयंती और पुण्यतिथि पर पहले दिए जाने वाले अवकाश को बहाल करने की मांग उठाई। मौजूदा विधानसभा कैलेंडर में 23 सितंबर को महाराजा हरि सिंह की जयंती के अवसर पर अवकाश निर्धारित है।
इस मांग के बाद भाजपा विधायकों ने विरोध शुरू कर दिया और महाराजा हरि सिंह के समर्थन में नारे लगाए। भाजपा विधायक पवन गुप्ता समेत अन्य सदस्यों ने 23 सितंबर के अवकाश को रद्द करने की मांग पर आपत्ति जताई। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्यों ने शेख अब्दुल्ला से जुड़े अवकाश बहाल करने की मांग का समर्थन किया।
पीडीपी विधायक वहीद पारा ने भी 13 जुलाई को मनाए जाने वाले 1931 के शहीद दिवस को सरकारी अवकाश के रूप में बहाल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह दिन जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक जागृति से जुड़ा है और इसे फिर से सरकारी अवकाश बनाया जाना चाहिए। इस मुद्दे पर भी सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सदस्यों से कार्यवाही चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की भावनाएं सुनी गई हैं और शोर-शराबे से मुद्दों का समाधान नहीं होगा। अध्यक्ष ने कहा कि यदि सदस्य इन विषयों पर विस्तृत बहस चाहते हैं तो इसके लिए आगे समय दिया जा सकता है, लेकिन फिलहाल सूचीबद्ध कार्यवाही को चलने दिया जाए।
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