अग्र महोत्सव में पलक मुच्छल की प्रस्तुति रद्द, आधी रात तक इंतजार करते रहे दर्शक; आयोजकों पर उठे सवाल
मथुरा। महाराजा अग्रसेन की 5150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित अग्र महोत्सव में गुरुवार रात उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब मशहूर पार्श्व गायिका पलक मुच्छल निर्धारित कार्यक्रम में प्रस्तुति देने नहीं पहुंचीं। बीएसए कॉलेज मैदान में आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन दर्शक रात करीब नौ बजे से उनकी प्रस्तुति का इंतजार करते रहे, लेकिन आधी रात तक कार्यक्रम शुरू नहीं हुआ। इससे नाराज दर्शकों ने हूटिंग की और आयोजकों के प्रति अपना आक्रोश जताया।
कार्यक्रम में पलक मुच्छल को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। मंच से उनके जल्द आने की घोषणाएं होती रहीं, लेकिन समय बीतने के बावजूद प्रस्तुति नहीं हुई। इससे दर्शकों में निराशा फैल गई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम को लेकर अनिश्चितता थी, तो उन्हें समय रहते स्थिति की स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई। कार्यक्रम में मौजूद राघव गोयल ने आयोजकों से बुकिंग और लिखित सहमति से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। नाराज दर्शकों ने कार्यक्रम के बहिष्कार की बात भी कही।
पलक मुच्छल ने हंगामे के बाद इंस्टाग्राम पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह दर्शकों के बैठने वाले क्षेत्र में खाना परोसे जाने या लोगों के भोजन करने के दौरान प्रस्तुति नहीं देती हैं। उनके अनुसार, यह शर्त आयोजकों को पहले से बता दी गई थी और लिखित समझौते में भी शामिल थी। गायिका ने दावा किया कि सहमति के बावजूद फूड स्टॉल चालू रहे, जिसके कारण वह प्रस्तुति नहीं दे सकीं।
पलक मुच्छल के इस बयान के बाद आयोजकों की व्यवस्था और अनुबंध की शर्तों को लेकर सवाल उठने लगे। यदि कलाकार की ओर से ऐसी शर्त पहले ही रखी गई थी, तो उसे लागू कराने की जिम्मेदारी किसकी थी? वहीं, यदि दोनों पक्षों के बीच किसी शर्त को लेकर विवाद था, तो दर्शकों को घंटों इंतजार कराने के बजाय समय रहते स्पष्ट जानकारी क्यों नहीं दी गई? इन सवालों का जवाब लिखित समझौते और आयोजकों के आधिकारिक पक्ष से ही सामने आ सकेगा।
हंगामे के दौरान श्री अग्रवाल सभा के पदाधिकारी जयंती अग्रवाल ने कानूनी कार्रवाई की बात कही और लोगों से अव्यवस्था नहीं फैलाने की अपील की। हालांकि, दर्शकों की नाराजगी के बीच कार्यक्रम के प्रबंधन, कलाकार की प्रस्तुति की पुष्टि और अंतिम समय में हुए समन्वय को लेकर सवाल बने रहे।
अग्र महोत्सव की इस घटना ने आयोजकों और कलाकार के बीच हुए समझौते की शर्तों के साथ-साथ दर्शकों के प्रति जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पलक मुच्छल ने अपनी ओर से सफाई दी है, लेकिन विवाद की पूरी स्थिति स्पष्ट होने के लिए आयोजकों का विस्तृत पक्ष और समझौते की शर्तों का सामने आना जरूरी है।
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