डिजिटल इंडिया की राह में रोड़ा बनेगा MDR, व्यापारिक संगठनों ने सरकार से अधिभार वापस लेने की मांग
आज स्थानीय होटल में कनफ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स “कैट” के बैनर तले प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल द्वारा एक वृहद बैठक आमंत्रित की गई जिसमें कैट के साथ व्यापार एवं उद्योग महासंघ , चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ , जिला केमिस्ट एसोसिएशन , ऑटोमोबाइल एसोसिएशन , क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन , सराफा एसोसिएशन , किराना एसोसिएशन , जिला उद्योग संघ , मैरिज गार्डन एसोसिएशन , वितरक संघ , गल्ला व्यापारी संघ , बिल्डिंग मैटेरियल एसोसिएशन , टाइल मारवल एसोसिएशन , पेट्रोल पंप एसोसिएशन , बर्तन व्यापारी संघ , फुटवेयर एसोसिएशन , विजयवर्गीय कॉम्प्लेक्स एसो. , बीजी रोड व्यापारी संघ , मोबाइल विक्रेता संघ , कृषि आदान संघ , ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन , इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी संघ , टेंट लाइट व्यापारी संघ , बोहरा कॉम्प्लेक्स व्यापारी संघ , फूड प्रोडक्शन एसोसिएशन , पुस्तक व्यापारी संघ के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे ।
कैट द्वारा आयोजित बैठक में प्रत्येक संगठन के पदाधिकारियों द्वारा सरकार द्वारा अधिरोपित इस नई कर व्यवस्था पर अपने अपने विचार व्यक्त किए गए ।
कैट के प्रदेश सचिव , व्यापार एवं उद्योग महासंघ के ज़िलाध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार के इस अप्रत्याशित कदम से प्रतिस्पर्धा के इस दौर में एक और व्यापारी के ऊपर अतिरिक्त कर का बोझ बढ़ेगा जो सीधे उसकी जेब से जायेगा वहीं दूसरी ओर सरकार के डिजिटल इंडिया मिशन पर भी विपरीत प्रभाव पड़ेगा ।
अग्रवाल ने कहा कि हम व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और देश के निर्माण में सदैव सरकार के साथ हैं , लेकिन इस मुद्दे पर हम किसी भी प्रकार का दुष्प्रचार अथवा विरोध के माध्यम से आम उपभोक्ता एवं व्यापारियों को दिग्भ्रमित न करते हुए हमारी बात सीधे हमारे क्षेत्रीय सांसद श्री सिंधिया जी के माध्यम से , हमारे कैट के प्रदेश एवं राष्ट्रीय नेतृत्व के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री , देश के प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री तक पहुँचायेंगे ।
हमारे कई व्यापारियों का मुनाफा सिर्फ एक से दो प्रतिशत तक भी है , एैसे हालात में व्यापार करना बहुत कठिन हो जायेगा ।
सीसीआई के चेयरमैन अमित सौगानी ने विस्तार से इस अतिरिक्त भार पर जानकारी साझा की ।
बैठक में उपस्थित सभी संगठन प्रमुखों ने एक आवाज में MDR रूपी इस अधिभार को सरकार से पुनर्विचार कर वापस लेने की मांग की है । जिनमें प्रमुख रूप से प्रधुम्न जैन, प्रदीप मित्तल ,
विनीत सेठ , सतीश अरोरा , रवि सोनी , विवेक अग्रवाल , मनीष भार्गव , अनुपम तिवारी , मयंक विजयवर्गीय , रीतेश अग्रवाल , दीपक जैन , रियाजुद्दीन , आनंद कृष्णानी , के.डी. राठी , जयप्रकाश जैन नवीन झा , महेश रघुवंशी , संजय अग्रवाल महू , कृष्ण कुमार नीखरा , मदन सोनी , सुरेश सोनी , अमित जैन , सुबोध जैन , मनोज जैन स्वराज , प्रदीप कुमार जैन , सचिन छतरपुरिया , ललित नामदेव , हरिओम राठौर , श्याम अग्रवाल , संजीव जैन , राजीव ऐबट , आशीष जैन , अंकुर दुसाज , नितिन जैन , संजय जैन , यदुनंदन शर्मा , दुसाज , अनिल डींगरा , सुमित अग्रवाल , अभिषेक तिवारी , अनिल खेरा ,
इस अवसर पर कैट के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल , महासंघ सचिव प्रधुम्न जैन , उपाध्यक्ष विनीत सेठ , सीसीआई के चेयरमैन अमित सौगानी , कैट के कोषाध्यक्ष प्रदीप मित्तल एवं कैट के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार नीखरा मंचासीन रहे कार्यक्रम के अंत में अपने विचारों के साथ आभार सीसीआई के सचिव गौरव अग्रवाल द्वारा व्यक्त किया गया ।
सभी एसोसिएशन प्रमुखों द्वारा कैट के प्रदेश सचिव राजेश अग्रवाल को इस अधिभार को वापस लिए जाने संबंधी पत्र सौंपे गए।
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