झोटा हत्याकांड में बड़ा खुलासा: वारदात से पहले आरोपी ने चाचा और बेटे को किए थे फोन, पत्नी भी जांच के घेरे में
पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी के अनुसार, मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार ने वारदात से पहले अपने चाचा को एक बार और अपने बेटे को चार बार फोन किया था। पुलिस इन कॉल्स के समय और उनसे जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वारदात से पहले क्या बातचीत हुई थी।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और कथित तौर पर सहयोगियों की मदद से फरार हो गया था। बाद में उसे राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
मामले में जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने आरोपी की पत्नी नीलम रानी और दो अन्य व्यक्तियों, लाडी बरनाला तथा विपिन गर्ग, को भी मामले में नामजद किया है। पुलिस उनकी कथित भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच में सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसी भी व्यक्ति की भूमिका और दोष का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ अभियान चलाते थे। 13 अक्टूबर को मानसा में एक मेडिकल स्टोर पर हुए विवाद के दौरान उन्हें गोली मार दी गई थी। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और मामले में निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी।
हत्याकांड के बाद पुलिस और प्रशासन पर भी कार्रवाई का दबाव बढ़ा है। मामले में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और जांच जारी है। अब पुलिस की जांच का प्रमुख पहलू वारदात से पहले हुई फोन बातचीत, संभावित सहयोग और घटना के बाद आरोपी को मिली कथित मदद से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)