अंकिता भंडारी हत्याकांड: 88 दिन में एसआईटी ने पूरी की जांच, तीनों दोषियों को उम्रकैद; पुलिस ने बताए अहम पहलू
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उनके माता-पिता के दिल्ली में प्रदर्शन और हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस ने मामले की जांच से लेकर अदालत में हुई पैरवी तक की जानकारी साझा की है। एडीजी कानून-व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने बताया कि मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 88 दिनों में जांच पूरी की थी। इसके बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया और सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य प्रस्तुत किए।
सितंबर 2022 में ऋषिकेश के निकट वनंतरा रिजॉर्ट में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या का मामला सामने आया था। पुलिस ने मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित की गई, जिसने गवाहों के बयान, तकनीकी साक्ष्य और फॉरेंसिक रिपोर्ट सहित विभिन्न पहलुओं की जांच की।
पुलिस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। 30 मई 2025 को कोटद्वार की अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। पुलिस ने अपनी हालिया जानकारी में जांच और अभियोजन की प्रक्रिया को प्रमुखता से सामने रखा है।
हालांकि, अंकिता के माता-पिता इस मामले में कुछ अन्य सवालों की जांच और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग कर रहे हैं। दिल्ली में उनके प्रदर्शन और हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। परिवार की मांगों और पुलिस द्वारा बताई गई जांच की जानकारी के बीच उठ रहे सवालों पर स्पष्टता जरूरी है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों दोषियों को अदालत से सजा मिल चुकी है, लेकिन परिवार की ओर से उठाए जा रहे सवालों और आगे की जांच की मांग के चलते मामला सार्वजनिक चर्चा में बना हुआ है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)