ईडी के 5,297 मामलों में कितने पहुंचे कोर्ट? टीएमसी ने एजेंसी की कार्रवाई पर उठाए सवाल
नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई को लेकर एजेंसी के आंकड़ों और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। टीएमसी प्रवक्ता साकेत गोखले ने दावा किया कि पिछले 11 वर्षों में ईडी ने 5,297 मामले दर्ज किए, लेकिन इनमें से केवल 47 मामलों में मुकदमे अदालत तक पहुंचे। उन्होंने राजनेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों में विपक्षी नेताओं की संख्या को लेकर भी सवाल उठाए।
साकेत गोखले ने दावा किया कि राजनेताओं के खिलाफ दर्ज ईडी के करीब 98 प्रतिशत मामले विपक्षी नेताओं से जुड़े हैं। उन्होंने ईडी की कथित 0.7 प्रतिशत दोषसिद्धि दर का भी जिक्र करते हुए एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल उठाया। ये आंकड़े और आरोप टीएमसी नेता की ओर से रखे गए दावे हैं।
टीएमसी की यह प्रतिक्रिया पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े एक मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद आई। ईडी ने कहा है कि दुर्गा पूजा के ‘प्रीव्यू शो’ से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान सेन से जुड़ी एक कंपनी से करीब 30 लाख रुपये ममता बनर्जी को बैंकिंग माध्यम से भेजे जाने की जानकारी सामने आई। एजेंसी के अनुसार, सेन ने इस भुगतान को ‘रॉयल्टी’ बताया था। ईडी ने अपने बयान में इस लेनदेन को लेकर किसी आपराधिक कृत्य का आरोप नहीं लगाया है।
ईडी के मुताबिक, इसी मामले की जांच में सेन और उनकी संस्था ऑक्टेव रिकॉर्ड्स के खातों में उनके कार्यकाल के दौरान 3.8 करोड़ रुपये से अधिक नकद जमा किए जाने की जानकारी सामने आई। एजेंसी ने आरोप लगाया कि मासआर्ट के माध्यम से 2023 और 2024 में दुर्गा पूजा के ‘प्रीव्यू शो’ के लिए एक लाख से अधिक टिकट जारी किए गए और इनसे प्राप्त रकम के इस्तेमाल में अनियमितताएं हुईं। मामले में एजेंसी की जांच जारी है।
हालांकि, ईडी के निदेशक द्वारा 2025 में बताए गए आधिकारिक आंकड़ों में 2014 से 2024 के बीच 5,113 पीएमएलए जांच शुरू होने की बात कही गई थी और उस समय 1,739 मामले अदालतों में विचाराधीन बताए गए थे। इसलिए अलग-अलग वर्षों और मामलों की श्रेणियों के आंकड़ों को एक ही आधार पर रखकर निष्कर्ष निकालने से पहले उनके संदर्भ को देखना जरूरी है।
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