गणेश विसर्जन खत्म, अब ज्ञानेश कुमार का विसर्जन बाकी: प्रकाश राज ने एसआईआर पर उठाए सवाल; भाजपा ने जताई आपत्ति
हैदराबाद। अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश राज ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी के दौरान गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हो चुका है और अब ज्ञानेश कुमार का ‘विसर्जन’ बाकी है।
प्रकाश राज ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए नामों को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि नाम दोबारा शामिल कराने के लिए करीब 38 लाख अपीलें न्यायाधिकरणों के समक्ष लंबित हैं और इनके निपटारे में 10 से 12 साल तक लग सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी संख्या में लोग इतने लंबे समय तक इंतजार कैसे करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की शुरुआत मतदाता सूची को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया के रूप में हुई थी, लेकिन अब यह नाम हटाने की प्रक्रिया बन गई है। प्रकाश राज ने यह भी दावा किया कि अलग-अलग जिलों के दौरे के दौरान लोगों ने उन्हें बताया कि बीएलओ के घर पहुंचने के समय मौजूद नहीं होने के कारण उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। उन्होंने एसआईआर पर रोक लगाने और इसे पूरी तरह खत्म करने की मांग की।
प्रकाश राज के बयान पर भाजपा की तेलंगाना इकाई के मुख्य प्रवक्ता एनवी सुभाष ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की आलोचना की जा सकती है, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त की तुलना मूर्ति विसर्जन से करना राजनीतिक आलोचना की सीमा से आगे जाकर संवैधानिक संस्था के प्रति अनादर है। उन्होंने प्रकाश राज से एसआईआर को लेकर अपनी आपत्तियां उचित मंच पर तथ्यों और साक्ष्यों के साथ रखने को कहा।
इस बीच, हैदराबाद में एसआईआर के विरोध और सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर प्रक्रिया को खत्म करने और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े 2023 के कानून को रद्द करने की मांग रखी।
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