18,600 फीट पर जिंदगी की जंग, नुन-कुन की खड़ी ढलान पर एक स्किड के सहारे हेलिकॉप्टर टिकाकर सेना ने बचाई मरीज की जान
लद्दाख। भारतीय सेना के विमानन दल ने नुन-कुन पर्वत क्षेत्र में करीब 18,600 फीट की ऊंचाई पर बेहद चुनौतीपूर्ण मेडिकल रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। तेज हवाओं, बेहद ऊंचाई और खड़ी ढलान के बीच पायलटों ने असाधारण सूझबूझ और साहस दिखाते हुए एक मरीज को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
शनिवार को चलाए गए इस अभियान के दौरान हेलिकॉप्टर को उतारने के लिए समतल जगह उपलब्ध नहीं थी। ऐसे कठिन हालात में पायलटों ने हेलिकॉप्टर को नियंत्रित रखते हुए उसका सिर्फ एक स्किड खड़ी ढलान पर टिकाया और इसी स्थिति में मरीज को तेजी से हेलिकॉप्टर के भीतर सुरक्षित पहुंचाया। इसके बाद हेलिकॉप्टर ने वहां से उड़ान भरी और मरीज को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया।
हेलिकॉप्टर के नीचे लगी दो लंबी पट्टीनुमा संरचनाओं को स्किड कहा जाता है। सामान्य परिस्थितियों में इन्हीं के सहारे हेलिकॉप्टर जमीन पर उतरता है। लेकिन जब किसी पहाड़ी इलाके में समतल जगह उपलब्ध नहीं होती, तो विशेष परिस्थितियों में एक स्किड को ढलान पर टिकाकर हेलिकॉप्टर को संतुलित रखना पड़ता है। इसे वन-स्किड लैंडिंग कहा जाता है।
18,600 फीट की ऊंचाई पर इस तरह का अभियान अपने आप में बेहद चुनौतीपूर्ण था। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम, तेज हवाएं और सीमित लैंडिंग क्षेत्र पायलटों के सामने बड़ी चुनौतियां पैदा करते हैं। इसके बावजूद सेना के विमानन दल ने बेहद कम समय में रेस्क्यू पूरा किया।
सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे विमानन पायलटों की उच्च पेशेवर दक्षता, तकनीकी कौशल और अदम्य साहस का उदाहरण बताया। सेना ने कहा कि यह मिशन दुनिया के सबसे कठिन पर्वतीय इलाकों में भी हर जीवन बचाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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