राहुल गांधी के ‘सिस्टम बनाम छात्र’ नैरेटिव पर धर्मेंद्र प्रधान का पलटवार, योजनाओं और आंकड़ों का दिया हवाला
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद भाजपा सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने उनके ‘सिस्टम बनाम छात्र’ नैरेटिव पर सवाल उठाए। प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के सामने आने वाली समस्याओं को व्यवस्था पर कब्जे के दावे से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं और उच्च शिक्षा से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाए।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राहुल गांधी इंदौर में अपने साथ एक माइक और ‘सिस्टम बनाम छात्र’ का नैरेटिव लेकर पहुंचे। उनके मुताबिक राहुल ने छात्रों की विभिन्न चुनौतियों को एक कथित ‘कब्जे वाले सिस्टम’ का सबूत बताने की कोशिश की और शिक्षा व्यवस्था जैसे जटिल विषय को राजनीतिक नारों तक सीमित कर दिया।
प्रधान ने उच्च शिक्षा तक पहुंच से जुड़े आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश में उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात यानी जीईआर 2014-15 में 23.7 प्रतिशत था, जो 2023-24 में बढ़कर 30 प्रतिशत हो गया। उन्होंने इसे उच्च शिक्षा तक छात्रों की पहुंच में हुई वृद्धि के तौर पर सामने रखा।
प्रधान ने केंद्र सरकार की पीएम-विद्यालक्ष्मी और पीएम-उषा जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पीएम-विद्यालक्ष्मी के तहत पात्र छात्रों को बिना गारंटी शिक्षा ऋण और ब्याज संबंधी सहायता दी जाती है, जबकि पीएम-उषा के माध्यम से राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में बुनियादी ढांचे और गुणवत्ता में सुधार पर काम किया जा रहा है।
प्रधान ने इसके अलावा भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य उपलब्धियों और क्यूएस रैंकिंग में सुधार का भी हवाला दिया। वहीं, राहुल गांधी ने अपने इंदौर कार्यक्रम में छात्रों की शिक्षा, भर्ती और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल किए थे।
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