दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे सीएम मोहन यादव, अतिवृष्टि और राहत कार्यों की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश

Monday, August 24, 2026 - 11:01
Updated: 2 months ago
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दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे सीएम मोहन यादव, अतिवृष्टि और राहत कार्यों की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश

भोपाल/रीवा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 23 अगस्त को नई दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। यहां उन्होंने रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के कलेक्टरों एवं पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक कर अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और किसी भी स्थिति में बीमारी फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी भी बाढ़ का पानी मौजूद है, वहां राहत शिविरों का बेहतर संचालन किया जाए। शिविरों में पर्याप्त खाद्य सामग्री, पीने का साफ पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध रहें। जिन लोगों के घर या खाने-पीने का सामान अतिवृष्टि में नष्ट हुआ है, उन्हें आरबीसी 6(4) के प्रावधानों के तहत तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

डॉ. यादव ने रीवा के गुलाब नगर में जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। जहां पानी उतर चुका है, वहां तत्काल शासकीय अमले को भेजकर लोगों की जरूरतों का जायजा लिया जाए। पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जल स्रोतों और हैंडपंपों में क्लोरीनेशन कराने तथा प्रभावित गांवों और नगरीय वार्डों में विशेष चिकित्सा शिविर लगाने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने बीमारी और महामारी की आशंका को लेकर भी अधिकारियों को सतर्क किया। उन्होंने कहा कि बुखार और सर्दी-जुकाम जैसे मामलों को भी गंभीरता से लिया जाए, ताकि किसी तरह की महामारी की स्थिति पैदा न हो। जिन क्षेत्रों में अतिवृष्टि के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां जल्द से जल्द विद्युत व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए गए।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी मुख्यमंत्री ने जरूरी दिशा-निर्देश दिए। पशु चिकित्सा विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजने, गौशालाओं में चारे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने तथा पशुओं की मृत्यु होने पर उनका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में उतरकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फसल क्षति की सूचना मिलने पर तत्काल सर्वे कराया जाए। यदि शुरुआती अवस्था में बोई गई फसल नष्ट हुई है तो किसानों को आवश्यकतानुसार बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, चिकित्सा, पशु चिकित्सा और कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की टीमें बनाकर प्रभावित क्षेत्रों में भेजने को कहा गया।

उन्होंने सभी नगरीय निकायों और गांवों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए, ताकि बाढ़ के बाद किसी तरह की बीमारी फैलने की स्थिति न बने।

समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो दिनों से बारिश थमने के बाद अधिकांश लोग राहत शिविरों से अपने घर लौट चुके हैं। अतिवृष्टि के दौरान जिन लोगों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं या जहां जनहानि और पशुहानि हुई है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा और आवश्यक सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 से 27 अगस्त 2026 के बीच जिन जिलों में वर्षा चक्र सक्रिय होने की संभावना है, वहां प्रशासन को सतर्क रहने और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं तत्काल सक्रिय करने को कहा गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 20 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसे देखते हुए कृषि विभाग को कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली फसलों को प्रोत्साहित करने और किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती मौसम परिस्थितियों के बीच सरकार नागरिकों की सुरक्षा के साथ किसानों के हितों का भी पूरा ध्यान रख रही है।

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